प्रधान-सचिव जांच में 18.45 लाख के घपले के दोषी
बरेली। डीपीआरओ की जांच में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव 18 लाख 45 हजार 355 रुपये खुर्द बुर्द करने के दोषी पाए गए। दोनों को कारण बताओ नोटिस देकर विभिन्न योजनाओं में ग्राम पंचायत को आवंटित बजट में निजी हित के लिए अनियमितताएं करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
ब्लाक दमखोदा की ग्राम पंचायत बसूपुरा में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) विनय कुमार सिंह ने उन कामों का निरीक्षण किया, जिनको पूरा करने की रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच में प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल मानक से काफी नीची मिली। पश्चिमी साइड की दीवार गिरी पाई गई। स्कूल का शौचालय निर्माणाधीन मिला, लेकिन निर्धारित मानक से शौचालय की ऊंचाई कम है। विद्यालय में चाइल्ड फ्रैंडली शौचालय का निर्माण न होना पाया गया। पंचायत सचिव ने सफाई कर्मी का रोस्टर पर नाम नहीं चढ़ा था। कच्ची और पक्की गलियों पर सरकारी योजनाओं की बाल पेंटिंग भी नहीं मिली। ग्राम पंचायत में कार्यरत सफाई कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया। स्कूल को जाने वाले खड़ंजे की स्थिति बदतर थी। नालियों के किनारे कूड़े के ढेर मिले, जिसकी वजह से जल निकासी ठीक से नहीं हो पा रही थी। 14 वें वित्त आयोग से कराए गए 6 लाख 57 हजार 171 रुपये के कामों का प्रधान और सचिव हिसाब नहीं दे सके। इसका डाटा भी प्रिया साफ्टवेयर पर फीड नहीं है। प्रधान और सचिव कराए गए 18 लाख 45 हजार 355 रुपये के कामों के बिल बाउचर, एस्टीमेट, स्वीकृतियां, एमबी, टेंडर और कार्ययोजना के अभिलेख भी जांच में नहीं मिले।