टुल्ला- इस्लामिया मार्केट सील प्रकरण
हेडिंग- पहले ‘टैक्स’ वसूलेंगे फिर
किराया देंगे कमेटी वालों को
- दूसरे दिन भी व्यापारी जुटे टैक्स रसीदें लेने में
- टैक्स जमा न होने से कुछ दुकानें अब भी सील
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
नगर निगम का 1.29 करोड़ रुपये टैक्स बकाया होने के चलते बृहस्पतिवार को सील की गईं इस्लामिया मार्केट की अधिकांश दुकानों की सील खोल दी गई है। इंतजामिया कमेटी के हाथ खड़े कर देने के बाद व्यापारियों ने खुद 15 हजार रुपये प्रति दुकान के हिसाब से नगर निगम को टैक्स अदा कर दिया है। हालांकि इससे व्यापारी नाराज भी हैं। उनका कहना है कि वे कमेटी को तब तक किराया नहीं देंगे, जब तक उनका टैक्स अदा नहीं हो जाता।
द लोकल कमेटी ऑफ आल इंडिया मुस्लिम एजूकेशनल कांफ्रेंस के नाम पर इस्लामिया मार्केट की 60 दुकानें एवं स्कूल आदि नगर निगम के रिकॉर्ड में पंजीकृत हैं। इस कमेटी पर नगर निगम का 1.29 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था। पिछले दिनों नगर निगम की टीम ने भुगतान की चेतावनी भी दी थी लेकिन टैक्स जमा नहीं हुआ। गुरुवार सुबह वहां पहुंची नगर निगम की टीम ने मार्केट की सभी 60 दुकानें सील कर दीं। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद व्यापारी मेयर उमेश गौतम से मिले तो उन्होंने 15 हजार रुपये प्रति दुकान टैक्स जमा करने पर सील खोलने का आदेश जारी कर दिया। टैक्स जमा होने के बाद बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार तक दुकानों की सील खोली गईं। व्यापारियों ने नकद और चेक के जरिए टैक्स जमा किया। व्यापारियों का कहना है कि अब वे किराए की रकम से टैक्स की भरपाई करेंगे, इसके बाद ही कमेटी को किराया देंगे।
दे रखा था एडवांस टैक्स और किराया
यहां की दुकानों का किराया सौ रुपये से लेकर हजार-बारह सौ रुपये तक ही है। इसके चलते कमेटी व्यापारियों से एक से दो साल तक का किराया और टैक्स एडवांस ले लेती है। कई व्यापारियों ने इसकी रसीदें भी दिखाईं। कुछ व्यापारियों ने मार्च 2018 तक का किराया और टैक्स जमा कर रखा है।
तीन-चार दुकानें अब भी सील
अधिकांश व्यापारियों ने टैक्स के रूप में नगर निगम को 15-15 हजार रुपये अदा कर दिए हैं। मगर तीन-चार व्यापारी शहर से बाहर हैं, इसके चलते उनका टैक्स जमा नहीं हो पाया। इससे उनकी दुकानें अब भी सील हैं।
वर्जन
हम लोग कमेटी को लगातार किराया और टैक्स देते आए हैं। इसके बावजूद कमेटी ने टैक्स जमा नहीं किया। इस वजह से हमें 15 हजार रुपये प्रति दुकान टैक्स देना पड़ा है। अब पहले हम लोग इस राशि की भरपाई करेंगे, इसके बाद कमेटी को टैक्स देंगे। - दीपक खुराना, सेक्रेटरी, इस्लामिया मार्केट एसोसिएशन
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सील करने पहुंची टीम तो कर दिया भुगतान
नगर निगम की टीम शुक्रवार को बिहारीपुर में कार्रवाई को पहुंची। यहां क्रिस्टल पब्लिक स्कूल के भवन पर 2.97 लाख रुपये टैक्स बकाया था। टीम पहुंची तो पूरी राशि जमा कर दी गई। इसके अलावा शुक्रवार को जोन एक में 13.6 लाख, जोन दो में 14.89 लाख, जोन तीन में 4.77 लाख और जोन चार में छह लाख रुपये टैक्स वसूला गया।