11 पीबीटीपी 1 से 7 तक
शंटिंग के दौरान इंजन बेपटरी, दो सस्पेंड
एंड प्वाइंट तोड़ रेलवे क्रासिंग रोड पर धंसा इंजन
साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद पटरी पर आया इंजन
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बरेली से ट्रेन लेकर आया इंजन रविवार सुबह रेलवे स्टेशन पर शंटिंग के दौरान डिरेल हो गया। अनियंत्रित इंजन एंड प्वाइंट को तोड़ता हुआ बरहा क्रासिंग पर जा धंसा। गनीमत रही कि उस दौरान रेलवे क्रासिंग बंद थी। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। हादसे को लेकर रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूप से सूचना मिलते ही एआरटी कर्मियों ने इंजन को पटरी पर लाने का प्रयास शुरू कर दिया।। सूचना मिलने पर बरेली से आला अफसर भी मौके पर पहुंचे। करीब साढ़ेे चार घंटे तक चले अभियान के बाद डिरेल हुए इंजन के नीचे अस्थायी पटरी डालकर उसे पुन: रेल पटरी पर लाया गया। इधर सुपरवाइजर स्तर की जांच में चालक द्वारा समय से ब्रेक न लगाना पाया गया है। इसके चलते चालक डीके मिश्रा व सह चालक यशपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। इज्जतनगर मंडल कार्यालय के अनुसार इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी।
घटना रेलवे स्टेशन के बरहा रेलवे क्रासिंग के समीप रविवार सुबह करीब 9.15 बजे हुई। बरेली से आई ट्रेन संख्या 55361 के इंजन को शंटिंग के लिए बरहा रेलवे क्रासिंग की ओर रवाना हुआ। इसी इंजन को ट्रेन संख्या 55364 में जोड़कर ट्रेन को बरेली ले जाना था। इंजन में पायलट डीके मिश्रा व सह पायलट यशपाल मौजूद थे। इंजन को शंटिंग लाइन पर बने एंड प्वाइंट पर रुकना था, लेकिन अनियंत्रित इंजन एंड प्वाइंट को तोड़ता हुआ रेलवे क्रासिंग के रोड में जा धंसा। इससे शंटिंग लाइन की पटरियां भी तेज आवाज के साथ टूट गई। अचानक हुए इस हादसे से रेलवे क्रासिंग के आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। रेल कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर मिस्बाऊल हक को दी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल को दी। इंजन डिरेल होने की जानकारी मिलने पर रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। स्थानीय रेल अफसर तत्काल ही मौके पर जा पहुंचे। आरपीएफ ने घटनास्थल को तत्काल सुरक्षा घेरे में ले लिया। रेलवे स्टेशन पर पहले से मौजूद दुघर्टना सहायता यान (एआरटी) को मौके पर भेजा गया। बरेली से पहुंचे मंडलीय यांत्रिक अभियंता (डीएमई) राम खिलावन के नेतृत्व में इंजन को पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया। इस बीच अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। रोड में धंसे इंजन को हाईड्रोलिक जैक से उठाने के लिए स्लीपर लगाए गए। स्लीपर लगाने के बाद धंसे इंजन को हाईड्रोलिक जैक की मदद से उठाने का प्रयास किया गया। इंजन उठाने के बाद उनके नीचे स्लीपर डालकर अस्थायी पटरी बिछाई गई। पटरी बिछने के बाद ही इंजन को पटरी पर लाया गया। दोपहर ढाई बजे तक चले अभियान के बाद डिरेल हुए इंजन को एक दूसरे इंजन से खींचकर प्लेटफार्म पर ले जाया गया। ऑपरेशन में बरेली के अफसरों के अलावा स्टेशन अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार, टीआई संजीव अग्रवाल समेत इंजीनियर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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