बड़ा बाईपास से लखनऊ हाईवे जाने वाले मार्ग पर दो माह पहले हुए रोडवेज हादसे में 25 यात्रियों की मौत हो गई थी और 14 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे के बाद रजऊ परसपुर क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्ताव को शासन की हरी झंडी तुरंत मिल गई थी। अब सेतु निगम की मुरादाबाद इकाई बड़ा बाईपास पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए इंजीनियरों की टीम भेजकर सर्वे कराने जा रही है। इसके बाद बाईपास पर फ्लाईओवर निर्माण का एस्टीमेट शासन को भेजा जाएगा।
रोडवेज हादसे के बाद अमर उजाला ने बड़ा बाईपास क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए फ्लाईओवर बनाने का मुद्दा उठाया था। इस पर सेतु निगम ने सबसे पहले यहां संकेतक लगवाए और बाद में शहर से जाने वाहनों को हाइवे पर तेज स्पीड में जाने से रोकने के लिए ब्रेकर बनवाए। तुरंत बाद मंडलायुक्त पीवी जगनमोहन की अध्यक्षता में बड़ा बाईपास क्रॉसिंग को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. पिंकी जोवल के अलावा सेतु और परिवहन निगम के अफसरों की मीटिंग हुई थी। इस पर सेतु निगम की मुरादाबाद इकाई ने क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
एनएचएआई के प्रस्ताव पर शासन ने फ्लाईओवर निर्माण करने के लिए हरी झंडी दे दी थी। सेतु निगम (मुरादाबाद इकाई) के प्रोजेक्ट मैनेजर एमके अग्रवाल ने बताया कि इंजीनियरों की टीम बड़ा बाईपास पर इसी महीने फ्लाईओवर निर्माण के लिए सर्वे कराएगी। इसके बाद एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बता दें कि बाराबंकी डिपो की रोडवेज को पांच जून को देर रात बड़ा बाईपास क्रॉसिंग पार करते समय हाईवे पर फरीदपुर से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिससे रोडवेज बस में आग लग गई थी और यात्री हादसे का शिकार हो गए थे।