सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने ब्लाकों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए दशकों से जमे 10 बाबुओं को हटाकर उनको दूसरे ब्लाकों में भेज दिया। मुख्यालय पर तीन साल से ज्यादा काम करने वाले आठ बाबुओं का पटल परिवर्तन किया गया है।
नवाबगंज में लंबे समय से कार्यतर लिपिक इंतसाब हैदर भुता, मसूद अली को भदपुरा से दमखोदा, इफ्तखार हुसैन को भुता से बिथरी, शुभनेश यादव को फरीदपुर से मीरगंज, सीताराम को मीरगंज से फरीदपुर, मुरसलीन को मीरगंज से भदपुरा, अहमद मलिक को शेरगढ़ से मीरगंज, आफताब को दमखोदा से शेरगढ़, ताहिर हुसैन को मझगवां से आलमपुर जाफराबाद, शबाना खान को आलमपुर जाफराबाद से मझगवां भेजा गया है। सीडीओ को ये खबरें मिलीं कि ये बाबू ब्लाकों में लंबे समय से तैनात रहकर मनमानी कर रहे हैं तो इनको दूसरी जगह तैनाती का निर्णय लिया गया। बताया जाता है कि विकास भवन मुख्यालय पर ढाई दशक से पंकज कुमार और दो दशक से तैनात विशाल आनंद का भी तबादला सूची में नाम था। विधायक की पैरवी पर ऐन वक्त पर उनका नाम हट गया। दूसरी ओर विकास भवन के डीडीओ दफ्तर में आठ लिपिकों का पटल परिवर्तन किया गया। शबाना बी को जीपीओ से डाक रिसीव, पंकज कुमार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थापना पटल से हटाकर न्यायालय मामले, कमर अब्बास जैदी को जीसी बुकलेट से सांसद आदर्श योजना, रुचि सक्सेना को कैशियर से हटाकर डीपीसी प्लानिंग, बीना सक्सेना को डिस्पैच से हटज्ञकर जीपीओ, विशाल सक्सेना को जीसी की संबद्धता से हटाकर स्थापना और अंजू सक्सेना को शिकायत से हटाकर डिस्पैच का काम सौंपा गया है।