फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर हुई बैठक

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली।
विज्ञापन

जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजाराम सरोज के निर्देशन में आठ जुलाई को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के सिलसिले में दीवानी न्यायालय परिसर में नोडल अधिकारी व अपर सत्र न्यायाधीश सैयद सरवर हुसैन रिजवी की अध्यक्षता में बैठक हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम बाबू यादव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर ज्यादा से ज्यादा वादों का निस्तारण कर वादकारियों को लाभान्वित किया जायेगा। लोक अदालत में मोटर एक्सीडेंट क्लेम, बैंक रिकबरी के मामले, लघु फौजदारी वाद आदि निस्तारित किए जाएंगे। बैठक में लीड बैंक मैनेजर ओपी वढे़रा सहित तमाम बैंक के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन


हत्या आरोपी की जमानत खारिज
बरेली। थाना कैंट के ग्राम बभिया के बब्लू हत्याकांड में आरोपी जगपाल की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने खारिज कर दी।
एडीजीसी फौजदारी सुनीति कुमार पाठक के अनुसार वादी धर्मवीर ने थानाध्यक्ष कैंट के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया जिसमें कहा गया कि उसके पिता छोटे सिंह की हत्या का मुकदमा पूर्व प्रधान रामपाल आदि पर चल रहा है जिसमें फैसला करने का जगपाल पुत्र रामभरोसे दबाव बनाते हैं और इसी बात को लेकर रंजिश मानते हैं। 14 अक्तूूबर 2015 को शाम करीब 5.30 बजे वादी व उसका भाई बब्लू खेत में काम करके गांव वापस आ रहे थे कि गांव से पहले पुलिया के पास ट्रैक्टर ट्राली पर गांव के ही जगपाल, उसका भाई सूरजपाल, धनपाल आये और वादी व उसके भाई को रोक कर पिता की हत्या के मामले में फैसला करने की बात कही। मना करने पर उन लोगों ने हाथों में लिए नाजायज तमंचों से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिए। वादी व उसका भाई बब्लू घायल हो गए। उपचार के दौरान बब्लू की मौत हो गई। न्यायाधीश ने माना जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है।

बलात्कार आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरु ण कुमार पाठक ने नाबालिग बालिका को बरेली गिहार बस्ती से बहला फुसलाकर मुरादाबाद ले जाकर बलात्कार करने के आरोपी सिविल लाइंस मुरादाबाद निवासी विपिन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन

एडीजीसी फौजदारी जहां आरा के अनुसार वादी ने आरोप लगाया है कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री को बरेली गिहार बस्ती से बहलाफुसला कर मुरादाबाद अपने घर ले गया और रात्रि में कई बार बलात्कार किया। अपराध की गंभीरता के मद्देनजर न्यायाधीश ने जमानत का कोई आधार नहीं पाया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें