बरेली। चालू वित्त वर्ष में लिए गए 1,355 नमूनों में से 54 फीसदी यानी कि 730 (605 अधोमानक, 86 असुरक्षित, 39 मिथ्याछाप) गुणवत्ता जांच में फेल रहे। इनमें मिलाए गए खतरनाक रसायन आपकी किडनी, लिवर व हृदय को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये तो बीते साल की बात है। इस बार होली पर फिर ये मिलावटखोर फिर सक्रिय हो गए हैं। इसकी पोल तो बाद में खुलेगी, लेकिन आप यदि सेहतमंद रहना चाहते हैं तो बारीकी से पड़ताल करके ही खरीदारी करें।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के मुताबिक, असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों में मिठाई और मसालों की संख्या अधिक है। दोनों में ही रसायनिक रंगों की मिलावट पकड़ी गई। दूध, पनीर, घी में विजातीय वसा की मिलावट की गई थी। दूध के 127, मावा के 23, पनीर के 44, घी के नौ, दूध से निर्मित मिठाइयों के 74 और दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों के 69 नमूनों की जांच कराई गई है।
1.43 करोड़ रुपये का लग चुका जुर्माना
विभागीय दावों के अनुसार, बीते साल से अब तक मिलावटखोरी की पुष्टि पर 738 मामलों में एडीएम सिटी कोर्ट में वाद दायर किए गए। इसमें से 404 मामलों में फैसले हुए और दोषियों पर 1,43,44,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बताते हैं कि कई मिलावटखोर मिठाई बनाने में चीनी की जगह लिक्विड ग्लूकोज का प्रयोग कर रहे हैं। यह सेहत के लिए हानिकारक है। इसलिए मिठाई खरीदते समय इसकी पड़ताल जरूर कर लें।
डॉक्टर बोले- मिलावटी पकवान धीमा जहर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके गुप्ता के मुताबिक, मिलावटी मिठाई या अन्य दूषित खाद्य सामग्री का सेवन सेहत के लिए धीमा जहर होता है। लिवर, किडनी, पाचन तंत्र, हृदय, त्वचा पर दुष्प्रभाव होते हैं। उनके मुताबिक-
- दूध में डिटर्जेंट, यूरिया, सिंथेटिक केमिकल, स्टार्च, दूषित पानी मिलाते हैं। इसके सेवन से पेट दर्द, उल्टी-दस्त, अपच, किडनी पर दबाव, त्वचा संबंधी एलर्जी, लंबे समय तक सेवन से किडनी फेल होने की आशंका रहती है।
- मिठाइयों में नकली मावा, रसायनिक रंग, लिक्विड ग्लूकोज, सस्ता तेल, घटिया घी मिलाते हैं। सेवन से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, लिवर पर असर, ब्लड शुगर बढ़ना, कैंसर, हृदय आदि रोग की आशंका रहती है।
- मसालाें में ईंट का चूरा, रंग, पॉलिश, चावल का पाउडर, डस्ट आदि मिलाते हैं। इनके सेवन से पेट और आंतों में जलन, गैस्ट्राइटिस, एलर्जी, सांस संबंधी समस्या, लंबे समय तक सेवन से कैंसर होने की आशंका रहती है।
बचाव के उपाय
- विश्वसनीय ब्रांड या प्रमाणित डेयरी से सामान लें।
- बहुत सस्ता, ज्यादा चमकीला रंग दिखे तो न खरीदें।
- पैक्ड सामान पर एफएसएसआई नंबर, एक्सपायरी तिथि जरूर देखें।
- घर पर सामान्य टेस्ट से दूध में पानी, मिलावट की जांच करें।
- खुले में रखी मिठाई, रंगीन कचरी, पापड़, चिप्स आदि न खरीदें।