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कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट पर 30 लाख जुर्माना

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बरेली। परसाखेड़ा स्थित कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के स्वामी से एनजीटी ने 30 लाख रुपये जुर्माना वसूलने के आदेश दिए हैं। जल और वायु प्रदूषण एक्ट का पालन न करने पर यह जुर्माना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया था।
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दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार ने अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल के जरिये वर्ष 2018 में एनजीटी में याचिका दायर की थी। कहा था, परसाखेड़ा स्थित कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लाट अवैध तरीके से संचालित हो रहा है। प्लांट स्वामी को संचालन से पहले प्रदूषण नियंत्रण एक्ट के मुताबिक जल और वायु प्रदूषण एक्ट के तहत एनओसी लेनी चाहिए थी, जो नहीं ली गई है। 30 जनवरी 2019 को याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच कर कार्रवाई करने और उससे याचिकाकर्ता एवं एनजीटी को अवगत कराने को कहा था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने यहां निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी थी। इसमें याचिकाकर्ता के लगाए आरोप सही साबित हुए और कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के स्वामी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 30 लाख रुपये जुर्माना डाला था। मगर प्लांट स्वामी ने जुर्माने की यह धनराशि कई माह तक जमा नहीं की। इस पर याचिकाकर्ता ने पुन: एनजीटी में आदेश पालन को पिटीशन फाइल की। इस पर आठ मई को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद एनजीटी की दो सदस्यीय पीठ ने कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, परसाखेड़ा के स्वामी से लगाए जुर्माने के 30 लाख रुपये वसूलने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई के लिए 24 मई की तिथि निर्धारित की गई है।

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मुझ पर 30 लाख का जुर्माना लगाया था इसकी जानकारी तो मुझे हुई है, लेकिन यह जुर्माना क्यों लगाया, इस संबंध में लिखित या मौखिक तौर पर न तो कुछ बताया गया, न ही स्पष्टीकरण लिया गया। प्लांट में यदि कोई कमी मिली थी तो बोर्ड को लिखित में जवाब मांगना चाहिए था। ये जुर्माना किस कमी पर लगाया, इसकी मुझे अभी तक कोई जानकारी बोर्ड ने नहीं दी है। जिस एनओसी के न होने की बात कही जा रही है, वह एनओसी भी मेरे पास है। एनजीटी ने लगाए गए 30 लाख रुपये के जुर्माने की वसूली के आदेश दिए हैं तो मैं अगली तारीख पर कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखूंगा। मैं अपनी जगह सही हूं। एनजीटी कोर्ट में यह सब साफ हो जाएगा।
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ऋषि कपूर, प्लांट स्वामी
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