बरेली। भाजपा की सरकार में किसानों का गन्ना बकाया दिलाने के तमाम दावे किए गए, मगर हकीकत अब भी इन दावों से अलग है। रुहेलखंड परिक्षेत्र की 16 चीनी मिलों पर अब भी गन्ना किसानों का 2747 करोड़ रुपये बकाया है। फिर भी गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान कराना न सत्तारूढ़ दल के एजेंडे में है न विपक्ष के। किसानों के लिए हैरत की बात है कि इस बार तो गन्ने का मुद्दा नेताओं की जुबां तक पर नहीं आ रहा है।
रुहेलखंड परिक्षेत्र के किसान हर साल औसतन तीन लाख हेक्टेयर से अधिक एरिया में 12 सौ लाख क्विंटल से अधिक गन्ने का उत्पादन करते हैं। 2018-19 में अब तक बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, कासगंज और अलीगढ़ में 16 से अधिक चीनी मिलें 947.51 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद कर चुकी हैं। इनसे 106.97 लाख क्विंटल से अधिक चीनी भी बनाकर बाजार में बेची जा चुकी है। चीनी का परता भी 11.29 किलो का है जो पिछले साल की तुलना में 1.0 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद अब तक चीनी मिल मालिकों ने गन्ना मूल्य के कुल बकाया का बमुश्किल 35 फीसदी का ही भुगतान किसानों को किया है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रुहेलखंड परिक्षेत्र में चीनी मिलों को गन्ना किसानों को 4314 करोड़ रुपये का भुगतान करना था। मगर अब तक मात्र 1567 करोड़ का ही भुगतान हुआ है। चीनी मिल मालिकों पर इस तरह गन्ना किसानों का 2747 करोड़ रुपये बकाया है। यह हालात तब हैं जब अधिकांशचीनी मिलों को 30 अप्रैल या मई के पहले हफ्ते में बंद करने की घोषणा की जा चुकी है।
कोर्ट का आदेश न सरकार का कायदा
किसान की दुर्दशा, मिलों का फायदा
कभी अमल में नहीं आता 14 दिन में भुगतान का नियम
योगी सरकार ने चीनी मिलों को किसानों का बकाया हर हाल में गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर करने के सख्त निर्देश जारी कर रखे हैं, मगर चीनी मिल संचालक बाजार में कभी चीनी सस्ती होने तो कभी कोई और बहाना बनाकर गन्ना किसानों का भुगतान रोक लेते हैं। रुहेलखंड परिक्षेत्र में कुल गन्ना खरीद का 55 फीसदी से भी कम 14 दिन के अंदर भुगतान किया गया। शाहजहांपुर के एक चीनी मिल ग्रुप ने तो पिछले साल तक का गन्ने का बकाया रोक रखा है। किसानों की गन्ना बकाया रकम ने चीनी मिल ने दूसरी जगह पर अपना प्लांट लगा लिया। यह चीनी मिल ग्रुप बैंक का भी डिफाल्टर है। इसलिए बैंक ने चीनी मिल संचालक ग्रुप को लोन देने से साफ इनकार कर दिया। अदालतों के आदेश भी किसानों को राहत नहीं दिला सके।
रुहेलखंड परिक्षेत्र: किस जनपद में कितना बकाया
जनपद का नाम बकाया भुगतान किया
बरेली 849 करोड़ 511 करोड़
शाहजहांपुर 844 करोड़ 552 करोड़
पीलीभीत 840 करोड़ 477 करोड़
बदायूं 169 करोड़ 12 करोड़
कासगंज 44 करोड़ 06 करोड़
अलीगढ़ 18 करोड़ 06 करोड़
गन्ना बकाया की स्थिति पिछले साल से बेहतर है। पूरा भुगतान तो नहीं हो पाया, लेकिन अधिकांश चीनी मिलों ने पिछले साल का ज्यादातर बकाया भुगतान कर दिया। अब जो बकाया बचा है, वह इसी साल का है। उसे भी कराया जा रहा है। - सत्येंद्र सिंह, उपायुक्त गन्ना रुहेलखंड परिक्षेत्र