बरेली। अपनी जमीन पर कब्जा होने से बचाने के लिए माफिया से जूझ रहे आर्य समाज अनाथालय प्रबंधन को कुछ राहत मिली है। अनाथालय के गेट पर आकर हंगामा करते हुए अनाथालय की लड़कियों से होली मिलने की जिद करने वाले अराजक तत्वों पर शिकंजा कस गया है। इस प्रकरण की इंटेलीजेंस ने जांच शुरू करते हुए सोमवार को अनाथालय के प्रधान और वार्डन दोनों के बयान दर्ज किए। उधर, कोतवाली पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी सफाई कर्मी और उसके एक रिश्तेदार को जेल भेज दिया है। हालांकि उन पर फिलहाल शांति भंग करने का मामला ही दर्ज किया गया है।
अनाथालय के सामने एक बैंक्वेट हाल में काम करने वाले सफाई कर्मी ने कुछ लोगों के साथ शनिवार को महिला अनाथालय के गेट पर जमकर हंगामा किया ता। साथ में एक महिला भी थी। नशे में धुत इन लोगों ने अनाथालय का गेट पीटते हुए उसे जबरदस्ती खुलवाने की कोशिश की। अनाथालय के स्टाफ ने जब इसकी वजह पूछी तो वे बोले, अंदर लड़कियों के साथ होली खेलनी है। स्टाफ के मना करने पर इन लोगों ने हंगामा करते हुए वार्डन रोली दुबे के साथ भी गाली-गलौज करते हुए उन्हें देख लेने की धमकी दी। अनाथालय स्टाफ और लड़कियाें में इस घटना से दहशत फैल गई। वार्डन ने बिहारीपुर चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह के अलावा इस घटना की कोतवाली पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश करती रही। अफसरों को तक घटना की सूचना नहीं दी गई। अनाथालय स्टाफ ने इसकी शिकायत स्पीड पोस्ट से एसएसपी को भेजी। बाद में मामले के तूल पकड़ने पर उच्चाधिकारियों की जानकारी में मामला पहुंचा तो कोतवाली पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में बिहारीपुर के आरोपी सफाई कर्मी राजू और उसके रिश्तेदार धर्मवीर को पकड़कर जेल भेज दिया। जो तहरीर वार्डन की ओर से दी गई थी, उस पर रिपोर्ट दर्ज अब भी दर्ज नहीं की गई है। हालांकि अब इस प्रकरण की इंटेलीजेंस जांच शुरू हो गई है। सोमवार को इंटेलीजेंस की इंस्पेक्टर प्रीति राठौर ने अनाथालय पहुंचकर वार्डन रोली दुबे और प्रधान हर्षवर्धन से गहन पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए।
बैकफुट पर आई पुलिस, रिसीव की तहरीर
इस घटना के लिए जब वार्डन कोतवाली गईं थीं तो उस दिन तहरीर तो ले ली गई, लेकिन उसकी रिसीविंग नहीं दी गई थी। बाद में पुलिस यह कहकर बचाव करती रही कि अनाथालय की तरफ से उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सोमवार को कोतवाली पुलिस ने वार्डन की तहरीर भी रिसीव कर ली।
गुंडई करने वालों के घरवाले अनाथालय पहुंचकर गिड़गिड़ाए
गुंडई करने वालों पर जब पुलिस ने शिकंजा कसा तो उनके घरवाले सोमवार को अनाथालय पहुंच गए और वहां वार्डन और प्रधान दोनों के सामने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। उस वक्त वहां इंटेलीजेंस की इंस्पेक्टर प्रीति राठौर भी जांच कर रहीं थीं। बाद में अनाथालय स्टाफ ने बवाल करने वालों के परिवारवालों को घर भेज दिया।
इस मामले में पुलिस को कड़ी धाराओं में कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इंटेलीजेंस की जांच में मैंने और वार्डन दोनों ने ही पूरी घटना की सच्चाई बता दी है। - हर्षवर्धन, प्रधान, आर्य समाज अनाथालय