बरेली। योगी सरकार ने अपने सांसदों और विधायकों को खुश करने के लिए चुनाव से कुछ समय पहले त्वरित विकास निधि से 5-5 करोड़ क्षेत्र के विकास के नाम पर बजट दिया था। यह बजट आरईडी को सीधे जारी किया गया था। माननीयों ने कामों के प्रस्ताव भी दे दिए। उन प्रस्तावों को मंजूर करने के बाद टेंडर भी हो गए, मगर अब तक ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने अतिरिक्त निधि से कोई काम शुरू नहीं कराए हैं।
त्वरित विकास निधि से बरेली और आंवला सांसद को 5-5 करोड़ और नौ विधायकों को 45 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अधिकांश बजट आरईडी को जारी कर दिया गया है। बजट जारी करने से पहले अतिरिक्त बजट के कामों के प्रस्ताव तुरंत मांगकर अल्पकालीन टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश आरईडी को दिए गए थे। इनकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की गई, मगर काम शुरू होेने से पहले ही आरईडी एक्सईएन लंबे अवकाश पर चले गए। उनका चार्ज शाहजहांपुर आरईडी एक्सईएन पीराम के पास है। वह दोनों जगह समय नहीं दे पा रहे हैं। एई और अन्य स्टाफ भी काम नहीं कर रहा है। उधर, बीते दो साल की विधायक निधि में 450 से ज्यादा काम भी विभाग शुरू नहीं कर पाया। वैसे विधायक निधि में 10 करोड़ से ज्यादा के काम पहले से लंबित हैं और 55 करोड़ के काम और लंबित हो गए। 65 से 70 करोड़ के काम इंजीनियरों ने राजनीतिक दबाव में टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर ऐसे ही छोड़ रखे हैं।
सांसदों और विधायकों ने जितने भी प्रस्ताव भेजे थे, वे सब स्वीकृत हो चुके हैं। मेरे पास बरेली का अतिरिक्त चार्ज है। हम विभाग के स्टाफ से पूरी जानकारी कर एक-दो दिन में कामों की स्थिति की जानकारी देंगे। - पी राम, एक्सईएन, आरईडी, अतिरिक्त प्रभार