बरेली। पिछले दिनों एक कॉलेज का वाहन, चालक की लापरवाही से हादसे का शिकार हो गया था। एक अन्य वाहन हादसे से बाल-बाल बच गया। इस भयंकर हादसे के बाद अब अफसरों को स्कूली बच्चों की फिक्र सता रही है। कमिश्नर के निर्देश पर जेडी ने 27 फरवरी को सभी कॉलेजों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई है। इसमें स्कूली वाहन की सुरक्षा को लेकर मंथन होगा, जिन कॉलेजों में वाहन चलते हैं वहां ट्रांस्पोर्ट मैनेजर अनिवार्य रूप से रखे जाएंगे। बैठक बेदी इंटरनेशनल स्कूल में होगी।
शहर में तमाम स्कूल कॉलेजों के वाहन सड़क पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फर्राटा भरते हैं। स्कूली वाहन आए दिन हादसों का शिकार होते हैं, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ता है। कमिश्नर ने बैठक कर अधिकारियों को इस बाबत सख्त आदेश दिए। जेडी डॉ. प्रदीप कुमार ने सभी सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों के साथ-साथ शासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन कॉलेज जहां वाहन व्यवस्था है, उनके प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किए हैं। निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों के मध्य पूर्ण अवकाश होने के समय में दस मिनट का अंतर रखा जाए ताकि सड़क पर जाम की स्थिति न बने। बच्चे सुरक्षित वाहन में चढ़ उतर सकें, इसकी निगरानी के लिए ट्रांस्पोर्ट मैनेजर रखे जाएं। वाहनों की फिटनेस की कड़ी मॉनिटरिंग की जाए। लापरवाही करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जेडी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि विस्तृत निर्देश के लिए स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों की बैठक 27 फरवरी को बेदी इंटरनेशनल स्कूल में बुलाई है।