बरेली। पड़ोसी जिले से कई लोकसभा चुनाव लड़ चुके एक बाहुबली दिग्गज ने अब भाजपा से अपने तार जोड़ लिए हैं। परंपरागत सीट सहयोगी दल के खाते में चले जाने से पहले से ही अपने दल से खफा चल रहे इन दिग्गज ने भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क साधा था। हाईकमान ने उनकी परंपरागत सीट पर तो टिकट देने से हाथ खड़े कर लिए। मगर, उनको बगल की दूसरी लोकसभा सीट पर टिकट का आश्वासन मिला है।
बाहुबली के नाम से विख्यात एक पार्टी के दिग्गज अपने दल में लंबे समय से उपेक्षा होने से खफा चल रहे हैं। विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली। अपने समय में उन दिग्गज की गिनती तेज तर्रार नेताओं में होती थी। अपनी परंपरागत लोकसभा सीट पर वह पिछली बार मोदी लहर में भाजपा प्रत्याशी के हाथों पराजित हो गए थे। इस बार उनको अपने दल से दोबारा टिकट मिलने की उम्मीद थी। मगर, अब उनकी परंपरागत सीट सहयोगी दल के खाते में चली गई है। उनको इसका आभास छह महीने पहले ही हो गया था। इसके चलते उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में अपने राजनीतिक भविष्य के लिए संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी थीं। लगभग डेढ़ माह पहले अपने घर समर्थकों की बैठक बुलाकर उनको लोकसभा चुनाव हर हाल में लड़ने के संकेत दिए थे। बताया जाता है कि कांग्रेस उनको परंपरागत सीट पर भी लड़ाने को तैयार है, लेकिन उनका मन भाजपा से चुनाव लड़ने का है। परंपरागत सीट छोड़कर वह बदायूं लोकसभा सीट से टिकट के लिए प्रयासरत हैं। उनके दल के हाईकमान को जब इस बात की भनक लगी तो उनको चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी देकर डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया है।