अमर उजाला इंपैक्ट
फोटो:
बदली जाएगी कैंट क्षेत्र की वाटर
लाइन, जलनिगम करेगा सर्वे
- सालों से गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे कैंट निवासियों को मिलेगा साफ पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे कैंट के निवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए कैंट बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। करीब 30 वर्ष पुरानी वाटर पाइप लाइन को पूरी तरह बदलकर वहां नए सिरे से वाटर पाइप लाइन बिछाएगी जाएगी। हालांकि इससे पहले बिछाई गई पाइप लाइन को उखाड़ने और उसके लगाए जाने के बाबत सर्वे किया जाएगा, जिसके लिए बोर्ड ने करीब एक लाख रुपये जल निगम को देने का निर्णय लिया है।
बता दें कि पिछले दिनों अमर उजाला ने कैंट क्षेत्र में पेयजल की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद बोर्ड की बैठक में शुद्ध पेयजल की समस्या पुरानी वाटर लाइन को मानते हुए उसे बदलने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव आगे बढ़ा और जल निगम ने जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे की मरम्मत और बेहतरीकरण करने के सर्वे के लिए एक लाख रुपये की मांग की। शुक्रवार को बोर्ड ने सर्वे की मंजूरी और बजट जारी करने पर मुहर लगा दी है। बता दें कि कैंट क्षेत्र में पिछले वर्ष गंदा पानी पीने से करीब तीन लोगों की पीलिया से पीड़ित होने से मौत हो गई थी, जिसके बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ा। खबर प्रकाशित हुई तो पार्षदों ने अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया। आनन-फानन में पानी का टैंक साफ कराया फिर भी शुद्ध पानी नहीं मिला। जिस पर वाटर पाइप लाइन के डैमेज होने का पता चला।
30 वर्ष बाद होगा ‘धर्मशाला का निर्माण’
कैंट क्षेत्र में वर्ष 1989 से चल रही आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए धर्मशाला निर्माण की मांग 30 वर्ष बाद शुक्रवार को पूरी हुई। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने जनहित में धर्मशाला निर्माण के प्रस्ताव को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कैंट बोर्ड से बगैर किसी विचार के प्रस्ताव को मंजूर कर निर्माण कराने का अनुरोध किया, जिस पर अध्यक्ष ने अधिकारियों से संबंधित मामले पर एस्टीमेट बनाने को निर्देशित किया। साथ ही धर्मशाला का नाम ‘कम्युनिटी बिल्डिंग’ रखने का निर्णय लिया। बता दें कि वर्ष 1989 से कैंट निवासी महेश मिश्रा धर्मशाला निर्माण की मांग कर रहे हैं। प्रस्ताव पास होने पर पार्षदों और बीआई बाजार व्यापार मंडल के केएल गेरा ने उन्हें बधाई दी है।
लगेगा सोलर प्लांट और बिछेगी पीएनजी
बोर्ड की बैठक में ग्रिड कनक्टेड रूफ टॉप सोलर पॉवर प्लांट निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। फौरी तौर पर 12 सोलर स्ट्रीट लाइट, दो सोलर हाईमास्ट लगानेे के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। वहीं कैंट बोर्ड ने सेना की तर्ज पर कैंट क्षेत्र में भी पीएनजी लाइन बिछाने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके अलावा ई-टेंडरिंग के जरिए कैं ट क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड लगाने, मिलिट्री कन्सेर्वंसी एग्रीमेंट, ड्यूटी के दौरान घायल मरीज मेडिकल बिल देने, सार्वजनिक व शुलभ शौचालयों के लिए सफाई कर्मी रखने का प्रस्ताव पास हुआ है।
केंद्रीय मंत्री के प्रस्ताव हुए पास
कैंट बोर्ड के अलावा चार साल बाद बोर्ड बैठक में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने श्मशान भूमि से मंदिर जाने वाली जर्जर रोड का निर्माण, गोकुल नगरी में सोलर हाईमास्ट लगाने, सदर स्थित गोल बाजार का नाम धोपेश्वरनाथ चौराहा रखने आदि का प्रस्ताव रखा, जिस पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने एजेंडा के प्रमुख मुद्दों को पीछे रखने पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख प्रस्ताव को आगे रखने का सुझाव दिया। बता दें कि बोर्ड बैठक में शामिल होने से पहले केंद्रीय मंत्री ने भाजपा कैंट मंडल से मुलाकात क र प्रस्तावों पर जनता की राय ली थी।