बरेली। सरकारी विभागों के साथ होटल रोहिला को भी भी टैक्स बकाया का नोटिस भेजा गया था, मगर होटल स्टाफ ने टैक्स ज्यादा बताकर आपत्ति की। इस पर निगम ने जांच कराई तो सामने आया कि उस भवन पर आवासीय टैक्स लगा था जबकि वहां होटल और बार चल रहा था।
नगर निगम ने पर्यटन विभाग के होटल रोहिला को पिछले दिनों टैक्स बकाया का नोटिस भेजा था, जो करीब नौ हजार रुपये थे। टैक्स बकाया का नोटिस मिलने पर होटल का स्टाफ ने नगर निगम में जाकर आपत्ति की। इस पर कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना ने इसकी जांच के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि इस भवन में होटल और बार चल रहा है जबकि सेटिंग करके आवासीय टैक्स लगवाया गया था। उन्होंने गड़बड़ी दुरुस्त करने के आदेश देकर नया बिल तैयार कराया, जो करीब दो लाख रुपये बना है।
कई अन्य भवन में ऐसी ही गड़बड़ी - ललतेश सक्सेना ने बताया कि रोहिला होटल जैसी ही गड़बड़ी करीब दो दर्जन से अधिक अन्य भवनों में सामने आई है। उन पर टैक्स तो आवासीय लगा हुआ है, मगर वहां होटल और लॉज संचालित की जा रही हैं। इन सबकी जांच कराई जा रही है।