बरेली। थानों की पुलिस की शह की वजह से जाम से जूझते शहर में लगने वाले अवैध बाजार लोगों की और बड़ी मुसीबत का कारण बने हुए हैं। पुलिस, व्यापारियों और कुछ धर्मस्थलों की कमाई का जरिया बने ये अवैध साप्ताहिक बाजार नगर निगम की कोशिशों के बावजूद खत्म नहीं हो पा रहे हैं। बाजार बंदी के दिन बृहस्पति बाजार को निगम टीम ने सिविल लाइंस में लगने से रोका तो यह बाजार कई टुकड़ों में बंटकर जिला अस्पताल रोड, कुतुबखाना सब्जी मंडी रोड और बांसमंडी में लग गया। सड़क पर दुकानें लगीं तो ये इलाके जाम हो गए, लेकिन पुलिस न जाम खुलवाने पहुंची न सड़क पर लगी दुकानें हटवाने।
सिविल लाइंस और जिला अस्पताल रोड पर लगने वाले अवैध बृहस्पति बाजार को हटवाने के लिए नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने 19 दिसंबर को एडीएम सिटी को पत्र लिखा था। इसके बाद बुधवार शाम उन्होंने मीटिंग बुलाकर कार्रवाई के लिए मंत्रणा की और बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे ही निगम की टीम बुलडोजर लेकर सिविल लाइंस पहुंच गई। व्यापारी दुकान लगाने पहुंचे, मगर टीम ने किसी को भी वहां रुकने नहीं दिया। व्यापारी नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट के पास भी पहुंचे लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद दुकानदारों ने टुकड़ों में जिला अस्पताल रोड, पंजाबी मार्केट, कुमार टाकीज रोड, बांसमंडी रोड और कुतुबखाना सब्जीमंडी में दुकानें सजा लीं। यहां न तो निगम टीम पहुंची और न ही पुलिस। इसके चलते पूरे दिन यहां जाम के हालात बने रहे। अतिक्रमण हटवाने वालों में अभियान प्रभारी ललतेश सक्सेना, टीम प्रभारी जयपाल पटेल, हीरालाल आदि मौजूद रहे।
धर्मस्थल और व्यापारी भी कर रहे कमाई
बृहस्पति बाजार में कुल मिलाकर चार-पांच सौ तक दुकानें फुटपाथ पर लगती हैं। बताया जाता है कि धर्मस्थल के बाहर लगने वाली दुकानों से वहां के लोग पैसे वसूलते हैं। इसके अलावा जिन व्यापारियों की दुकान के बाहर फड़ लगते हैं, वे भी किराया वसूल करते हैं। इसी में से पुलिस के लिए भी पैसा निकलता है। नगर आयुक्त ने बताया कि अवैध दुकानें लगाने वाले स्वीकार कर चुके हैं कि उनसे व्यापारियों द्वारा वसूली की जाती है।
संडे बाजार : सड़क के बाद गलियों में भी कब्जा
बृहस्पति बाजार की तरह ही श्यामगंज में ईसाईयों की पुलिया के पास सड़क किनारे अवैध संडे बाजार लगता है। यहां लगने वाले बाजार से कहने के लिए तो ठेकेदार के लोग वसूली करते हैं लेकिन यह सब होता पुलिस की सरपरस्ती में है। किसी तरह की दिक्कत करने या ठेकेदार को पूरा पैसे न देने वाले फड़ दुकानदारों से पुलिस निपटती है। अक्सर यहां बाइक पर सवार पुलिस वाले सड़क से बाजार हटवाने के बजाय ठेकेदार के इशारे पर दुकानदारों से उलझते दिखाई दे जाते हैं। अब तो इस बाजार का विस्तार कटरा चांद खां और रामवाटिका रोड पर भी हो गया है। रामवाटिका रोड पर एक तो मैकेनिकों की दुकानों के बाहर खड़े टेंपो सड़क घेरे रहते हैं, दूसरे संडे मार्केट में आने वाले ग्राहकों के वाहन भी अवैध रूप से यहीं पार्क करा दिए जाते हैं। इसके चलते न सिर्फ यहां जाम के हालात बनते हैं बल्कि कालोनी के लोगों को आवागमन के लिए परेशान होना पड़ता है। अक्सर उनकी फड़वालों से नोकझोंक होती रहती है।
वर्जन
नगर निगम के सहयोग से बृहस्पतिवार को बाजार हटवा दिया गया है। इसको लेकर कोतवाली पुलिस को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि जहां भी अतिक्रमण हटवाया गया है, वहां दोबारा न लग सके। - मुनिराज जी., एसएसपी
प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिला तो बृहस्पति बाजार को हटवा दिया गया। अब पुलिस इसे दोबारा न लगने दे। अगर पुलिस-प्रशासन का सहयोग मिलेगा तो संडे मार्केट को भी हटवा दिया जाएगा। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त