फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केन्या से आए शौहर को आदेश- बीवी को साथ ले जाओ

Fri, 27 Jul 2018 12:59 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
विज्ञापन
court Order
विज्ञापन
बरेली में निकाह कर केन्या में बसे शौहर-बीवी के बीच झगड़ा होने के बाद अलगाव हो गया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की दखलंदाजी के बाद घरेलू हिंसा का आरोप लगाने वाली बीवी को भारत लाया गया। नौबत मुकदमेबाजी तक पहुंच गई, लेकिन बीवी के लिए गुजारा भत्ता बांध चुकी अदालत में बृहस्पतिवार को जब शौहर पेश हुआ तो जज ने उनके परिवार को बचाने के लिए दो महीने साथ रहने का आदेश दिया। शौहर और बीवी दोनों इस पर रजामंद भी हो गए।
विज्ञापन

किला के बाजार संदल खां किला की तहरीमा का निकाह 23 अप्रैल 2016 को रोहली टोला के शराफत यार खां से हुआ था। शराफत केन्या में नौकरी करता था। निकाह के बाद अगस्त 2016 में शराफत तहरीमा को अपने साथ केन्या ले गया, लेकिन वहां कुछ ही दिनों बाद दोनोें में अनबन शुरू हो गई और तहरीमा भारत लौट आई। तहरीमा ने आरोप लगाया कि केन्या में शराफत उसके साथ मारपीट करता था। परिवार वालों के समझाने पर जनवरी 2017 में वह फिर केन्या चली गई, लेकिन वहां दोनों में फिर अनबन हुई। तहरीमा ने फोन पर अपने घर वालों को बताया कि शराफत उसके साथ केन्या में मारपीट करता है। परेशान घरवालों ने दरगाह आला हजरत की मार्फत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संपर्क किया। सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद केन्या के भारतीय दूतावास ने तहरीमा को दोबारा भारत भिजवाया।
तहरीमा ने भारत आने के बाद शराफत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर परिवार न्यायालय एफ टीसी प्रथम में गुजारे भत्ते का मुकदमा किया। जज अजय सिंह 13 सितंबर 2017 को तहरीमा को 30 हजार रुपये मासिक का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। यह आदेश पारित होने के कई महीने बाद भारत लौटे शराफत बृहस्पतिवार को अदालत में हाजिर हुए।। अदालत ने दोनों के वकीलों को अलग रखते हुए मियां-बीवी को आमने-सामने किया। दोनों के बीच कुछ देर गिला-शिकवा हुआ। अदालत ने जब तहरीमा को भरोसा दिलाया कि उसका अहित नहीं होने दिया जाएगा तो उसने शराफत के साथ उसके घर जाने की हामी भर दी। तहरीमा के हां करते ही तनातनी का माहौल हल्का हो गया। दोनों के वकील वेंकटेशन सक्सेना और हुमैर खां भी इस फैसले पर सहमत हो गए।
विज्ञापन

अदालत ने यह भी कहा कि कि वह अभी मुकदमा खत्म नहीं कर रही है। शौहर और बीवी दो महीने तक साथ रहकर एक-दूसरे का भरोसा जीतने की कोशिश करें। अदालत ने शराफत को आदेश दिया कि वह 27 जुलाई को अपने परिवार वालों के साथ तहरीमा के घर जाएं और उन्हें ससम्मान लेकर अपने घर आएं । इस आदेश पर अमल करने की सूचना भी 28 जुलाई को अदालत आकर दें। तय हुआ कि इसके बाद अदालत इस मुकदमे में दस-दस दिन के अंतराल पर तारीख लगाकर नतीजा जानती रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें