दुबई जाने के लिए पासपोर्ट हासिल करने की फिराक में लगे दो बांग्लादेशियों की बदायूं में गिरफ्तारी के बाद बरेली रेंज के जिलों में बांग्लादेशियों की गतिविधियों की छानबीन में खुफिया इकाइयां लग गई हैं। बहेड़ी समेत बार्डर के गांव में बसे बांग्लादेशियों के पहचानपत्रों की जांच के टारगेट दिए गए है।
बरेली के बार्डर के गांव में बड़ी संख्या में बांग्लादेशियों ने ठिकाना बना रखा है। खुफिया इकाई के अधिकारियों के पास इनके इनपुट भी है। एलआईयू के सीओ यशपाल सिंह के मुताबिक उनके मूवमेंट की निगरानी लगातार चलती है। हालांकि बीते महीनों में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है। शहर से सटी मलिन बस्ती और डेरों में भी बांग्लादेशी की मौजूदगी के इनपुट मिलते हैं। अब एलआईयू के साथ पुलिस की टीमें डेरों में संदिग्ध बांग्लादेशियों की तलाश कर रही हैं। बता दें कि बदायूं में दो बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है, जो आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा चुके थे।
बांग्लादेशियों की धरपकड़ के मामले आ चुके हैं सामने
बरेली के पासपोर्ट ऑफिस में आवेदन देने वाले संभल के बेहटा साहू गांव निवासी प्रशांत जीत विश्वास को बीती मार्च में पकड़ा गया था। उसके पास से फर्जी वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया गया था। संभल में ही उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। वह पंद्रह साल से संभल में रहते आ रहे थे। उसको गांव में बंगाली डॉक्टर के रूप में जाना जाता था। इसके अतिरिक्त 26 फरवरी 2017 को सीबीगंज के तिलियापुर में एक बांग्लादेशी होने के आरोप में इसरार खां को पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह बांग्लादेश के ढाका का रहने वाला है। 30 सितंबर 2016 आंवला में एक महिला को बांग्लादेश से तस्करी करके लाए जाने का मामला प्रकाश में आ चुका है।
बदायूं पुलिस ने अच्छा काम किया है। बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में पुलिस को अलर्ट किया गया है। बांग्लादेशियों के अवैध तरीके से फर्जी पहचानपत्र हासिल करने के मामलों तक तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश जारी किये हैं। - ध्रुव कांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज