बीएससी की तरह एमएससी में भी सैकड़ों छात्र फेल हो गए हैं। एमएससी केमिस्ट्री और गणित में तो कई छात्रों को शून्य मिला है। इसको लेकर सोमवार को एसएस कॉलेज शाहजहांपुर और बरेली के छात्रों ने हंगामा करते हुए कुलसचिव को घेरकर पुनर्मूल्यांकन की मांग की। नोकझोंक के बाद कुलसचिव ने आश्वासन दिया कि वह रिजल्ट को लेकर कुलपति से बात करेंगे।
इस एमएससी में सिर्फ एसएस कॉलेज नहीं बल्कि कई कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। इससे पहले बीएससी फाइनल में 61 फीसदी और बीएससी प्रथम व द्वितीय में 78 फीसदी छात्र फेल हो गए थे। एमएससी में भी 50 फीसदी से ज्यादा फेल हुए हैं। विश्वविद्यालय पहुंचे एसएस कॉलेज शाहजहांपुर के छात्रों का कहना है कि उनके यहां एमएससी प्रथम में 24 में से 20 और फाइनल में 19 में से 9 छात्र फेल हो गए। गणित में कुछ छात्रों को शून्य मिला। एसएस कॉलेज की एमएससी फाइनल की छात्रा दीक्षा मिश्रा का कहना था कि उसके प्रथम वर्ष में 72 फीसदी अंक थे और इस बार 59 फीसदी। ऐसे विषयों में नंबर काटे गए जो बहुत आसान थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन ठीक नहीं हुआ है वर्ना अच्छे छात्र फेल नहीं होते। छात्र प्रतिनिधि अवनीश चौबे ने कहा कि रिजल्ट निकालने की जल्दबाजी में छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया है। कुलसचिव के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए। एसएस कॉलेज की नाव्या रस्तोगी, आयुषी गुप्ता, आर्ती सिंह, शिव राजपूत आदि का कहना है कि उनका प्रवेश एंट्रेंस से हुआ और अच्छी रैैंक आई थी। पढ़ाई में इतने खराब नहीं की जो शून्य आएगा।
काफी संख्या में छात्र फेल हुए हैं तो दोबारा कॉपियां नहीं चेक कराई जा सकती। कुलपति से वार्ता करके कोई रास्ता निकाला जाएगा। -एके अरविंद, कुलसचिव