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सीएम साहब... मरीज को दवा के लिए अस्पताल में ना हो रही है

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बिजुआ सीएचसी का हाल

सीएम साहब अस्पताल खुद बीमार
दवाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा

बिजुआ। आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से गरीबों को राहत देने की कोशिश सरकारी तौर पर की जा रही है लेकिन अस्पतालों के हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं। बानगी के तौर पर बिजुआ सीएचसी को देखा जा सकता है। यहां आईवी फ्ल्यूड (मरीजों को चढ़ाई जाने वाली बोतल), आईवी सेट से लेकर वीगो तक नही है। पिछले दो दिन से बाहर से खरीदवा कर मरीजों को बोतल लगाई जा रही है। यही नही एंटी रैबीज इजेंक्शन का भी टोटा है जब कि आइरन के इंजेक्शन एवं टिटनेस के इंजेक्शन एक साल से नही हैं।
दो दिन बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खीरी आ रहे हैं। ऐसे में सेहत महकमे को निर्देश है कि अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता साफ-सफाई के साथ ही डाक्टर भी मौजूद रहें। सवाल उठता है कि जब विभाग ही अस्पतालों में दवाएं नहीं दे पा रहा है तो सीएचसी पर बैठे जिम्मेदार लोग इन दवाओं को स्टॉक में कैसे पूरा करें।
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सीएचसी में एंटी रैबीज खत्म
बिजुआ। बिजुआ में बुधवार को कुत्ते के काटने से जख्मी बालक के लिए एंटी रैबीज नहीं मिला। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इंजेक्शन खत्म होने के कारण मरीज को बाहर से इंजेक्शन लाने को कहा गया। बता दें कि इस समय कुत्ते के काटने से जख्मी होने वाले लोग बराबर अस्पताल में आ रहे हैं।

आइरन व टिटनेस वैक्सीन भी नही
बिजुआ। सीएचसी में आइरन के इंजेक्शन खत्म हुए एक साल हो गए है, यहां तक कि गर्भवती महिलाओं को चढ़ाने के लिए आइरन भी नही है। जब कि सामान्य टिटनेस के इंजेक्शन भी एक साल से ज्यादा समय से सीएचसी में सप्लाई नही हो रहे है। ऐसे में इमरजेंसी मामलों में घायलों को टिटनेस नही लगाया जा रहा है। इसके अलावा नाक, कान के ड्राप एवं कई अन्य दवाएं अस्पतालों में नही हैं।
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अस्पताल में दवा न होने की सूचना विभाग को दी जा चुकी है, बोतल दो दिन से खत्म हुई हैं, दवाओं के लिए डिमांड भेजी जा रही है। मरीजों को दवाएं उपलब्ध करा दी जा रही हैं।
- डॉ. प्रवीन निगम, प्रभारी-मेडिकल आफीसर बिजुआ।
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