बरेली कॉलेज में अस्थायी कर्मचारियों के रोज-रोज के हंगामे के चलते शिक्षकों ने स्नातक द्वितीय, तृतीय वर्ष और परास्नातक फाइनल की प्रवेश प्रक्रिया शनिवार को रोक दी। शिक्षकों का कहना था कि जब कर्मचारी ही नहीं हैं तो एडमिशन किसके सहयोग से करें। इन सबके चलते सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों को मायूस लौटना पड़ा। उधर, शिक्षक प्राचार्य और डीएम से भी मिले। कहा कि सोमवार तक समाधान नहीं हुआ तो आपात बैठक कर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, इन दिनों बरेली कॉलेज में द्वितीय और फाइनल ईयर के एडमिशन चल रहे हैं। अस्थायी कर्मचारी जून और जुलाई के वेतन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करने में जुटे हैं। शनिवार को कर्मचारियों ने पूरे दिन प्राचार्य कार्यालय में हंगामा किया। दूसरी तरफ बीएससी, बीए, बीकॉम द्वितीय-तृतीय वर्ष और एमकॉम, एमए, एमएससी फाइनल के प्रवेश चल रहे हैं। शनिवार को सभी विभागों में काफी भीड़ थी। अकेले फिजिक्स विभाग में करीब तीन सौ छात्र एडमिशन के लिए पहुंचे। कर्मचारियों के न होने के कारण शिक्षकों के हाथ-पैर फूल गए। हंगामे की नौबत आ गई। यही हाल कॉमर्स, उर्दू विभाग, गणित व अन्य विभागों का रहा। अंग्रेजी विभाग समेत कुछ विभाग तो खुले ही नहीं। अंग्र्रेजी विभाग में ताला लटका रहा। जब दोपहर को स्थिति बिगड़ने लगी तो शिक्षकों ने एडमिशन प्रक्रिया बंद कर दी। बाद में शिक्षकों ने बैठक कर तय किया कि जब तक कॉलेज प्रशासन समस्या का समाधान नहीं करता तब तक एडमिशन ही नहीं किए जाएंगे।
कर्मचारियों की जो मांग थी उसको डीएम और प्रबंध समिति तक पहुंचा दिया गया है। मेरे हाथ में निर्णय लेना नहीं है। कैंपस के हालात के बारे में सचिव को अवगत करा दिया गया है। अभी किसी भी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं।
-डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य
कर्मचारी नहीं थे तो मजबूरन एडमिशन प्रक्रिया बंद करानी पड़ी। समस्या से प्राचार्य को अवगत करा दिया है। सोमवार को संगठन की आपात बैठक बुलाई है। एक अगस्त से फर्स्ट ईयर की एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में स्थितियां और बिगड़ सकती हैं।
- डॉ. वीपी सिंह, सचिव शिक्षक संघ