गोचर भूमि को कब्जा मुक्त करने के निर्देश
मंत्री ने गोचर और चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। पर्याप्त चरागाह उपलब्ध होने पर गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था आसान हो सकती है। इससे गोशालाओं पर दबाव कम किया जा सकता है। इसके लिए राजस्व और प्रशासनिक स्तर पर अभियान चलाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराना होगा।
जिले में कुल 106 गोशालाएं चल रही हैं। इनमें 16,361 गोवंश को संरक्षित किया गया है। 51 गोशालाओं को बंद करने से प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती आएगी। यदि बड़ी गोशालाओं में अतिरिक्त क्षमता नहीं हुई तो गोवंश संरक्षण का दबाव बढ़ेगा। ऐसे में तत्काल सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को लेकर व्यवस्था के सामने चुनौती बनी रहेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि बैठक में जो दिशा निर्देश मिले हैं। इसके तहत वीबीजी-राम जी योजना से गोशालाओं में चबूतरा, बाउंड्रीवाल समेत अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही गोशाला में संरक्षित पशुओं के भरण पोषण को लेकर भी संसाधन बढ़ाने के निर्देश मिले हैं।