अफसर बनने का ख्वाब संजोने वाले आधे से ज्यादा अभ्यर्थियों ने पहले ही पड़ाव पर अपनी उम्मीदों से किनारा कर लिया। रविवार को शहर के 39 केंद्रों पर हुई उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस प्री की परीक्षा में पचास फीसदी से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल नहीं हुए। दो पालियों में हुई परीक्षा में जिले में 13052 पंजीकृत थे जिसमें 6192 ही परीक्षा में शामिल हुए। 6860 ने परीक्षा छोड़ दी। यानी परीक्षा में 47.44 फीसदी अभ्यर्थी ही शामिल हुए।
सुबह की पाली की परीक्षा 9.30 से 11.30 बजे तक हुई। सुबह से ही अभ्यर्थी के केंद्रों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दूसरी पाली परीक्षा अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे तक हुई। जिला प्रशासन की निगरानी में हुई परीक्षा शांति पूर्वक निपटी। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने बताया कि सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। कहीं से कोई गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई। परीक्षा शांतिपूर्वक निपटी।
पूछे गए सरकार की योजनाओं से जुड़े कई सवाल
पीसीएस प्री परीक्षा में सामान्य ज्ञान में ज्यादातर सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाली पूछे गए। सामान्य ज्ञान में पर्यावरण, राजनीति, इतिहास, भूगोल आदि विषयों से जुड़े प्रश्न थे। इसमें स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत, बाल विकास सेवा योजना, स्टार्टअप्स, संघ सरकार के बजट जैसे कई सवाल योजनाओं पर थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार पेपर कठिन था। सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) के पेपर ने अभ्यर्थियों के पसीने छुड़ा दिए। सामान्य ज्ञान के कुल 150 सवाल पूछे गए।
इसलिए छोड़ देते हैं परीक्षा
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य रहे चुके और बरेली कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने कहते हैं कि ज्यादातर अभ्यर्थी एक साथ कई-कई परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं। कई सालों से देखा जा रहा है कि पीसीएस की परीक्षाओं में पचास फीसदी ही अभ्यर्थी शामिल होते हैं। एक कारण यह भी है कि काफी छात्र तो सिर्फ दिखावे के लिए पीसीएस या आईएएस का फार्म भरते हैं। तैयारी करते नहीं और स्टेटस सिंबल बनाकर रखते हैं कि पीसीएम या आईएएस की तैयारी कर रहे हैं।