लॉकडाउन की वजह से हरियाणा में फंसे बरेली के 468 श्रमिकों को वापस लाया जाएगा। जिला प्रशासन को इसकी सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर सक्रिय हो गए हैं।
हरूनगला, फरीदपुर में फ्यूचर कॉलेज सहित चार जगहों पर बने शेल्टर होम में इन सभी को ठहराने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य टीमें पहले इन सभी की कोरोना की जांच करेंगी। इसके बाद इन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। इससे पहले कोटा से 247 विद्यार्थी पिछले हफ्ते बरेली आए थे।
हरियाणा में लॉकडाउन की वजह से फंसे 468 श्रमिकों को लाने के लिए रोडवेज बसें भेजी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये लोग कब आने शुरू होंगे, लेकिन इनके दो-तीन दिन में बरेली पहुंचने की बात कही जा रही है। इनमें ज्यादातर फैक्ट्री में काम करने वाले लोग हैं। इसकी सूचना शुक्रवार शाम मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समन्वय बनाना शुरू कर दिया है।
इन सभी लोगों को हरूनगला, फ्यूचर कॉलेज, मीरगंज और आंवला में रोकने की व्यवस्था कराई जा रही है। एसडीएम (सदर) ईशान प्रताप सिंह ने तहसीलदार आशुतोष गुप्ता को हरूनगला भेजकर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। हरियाणा से आने वाले सभी लोगों का पहले कोरोना टेस्ट होगा। उसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
शेल्टर होम में दूसरे प्रांतों के ठहरे हैं 68 मजदूर
लॉकडाउन के दौरान शेल्टर होम में ठहराए गए यूपी के विभिन्न जिलों के 447 लोगों को तो क्वारंटाइन के बाद उनके घर भेजा जा चुका है लेकिन बिहार, झारखंड, उत्तराखंड सहित दूसरे प्रांतों के 68 मजदूर अब भी यहां ठहरे हैं। अफसरों का कहना है कि उन्हें उनके घर भेजने के संबंध में शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है।
हरियाणा से 468 लोग बरेली लाए जा रहे हैं। ये कब तक आएंगे और इन्हें घर भेजा जाएगा या शेल्टर होम में क्वारंटीन किया जाएगा? इस संबंध में निर्देश जल्द मिल जाएंगे। - महेंद्र सिंह, एडीएम सिटी