बरेली। एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर एक छात्रा के पिता से 45 लाख रुपये ठग लिए गए। बाद में मैनेजमेंट कोटे की सीटों का मामला मुंबई हाईकोर्ट में पहुंच जाने का हवाला देकर दस लाख रुपये और मांगे। ठगी का एहसास होने के बाद छात्रा के पिता ने कैंट थाने में पांच लोगों को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें एक डॉक्टर भी है।
बारादरी के आशीष राॅयल पार्क निवासी एमवी गौतम की बेटी दीपिका गौतम ने 12वीं पास करने के बाद 2022 में नीट परीक्षा दी थी। परीक्षा में रैंक अच्छी न आने पर दीपिका ने अगले वर्ष की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान 20 नवंबर 22 को मीनाक्षी नाम की महिला ने एमवी गौतम से कॉल करके कहा कि ग्रांट मेडिकल कॉलेज मुंबई के डॉ. राकेश गुप्ता और संदीप पाटिल उनकी बेटी का 2022 में ही एमबीबीएस में दाखिला करा देंगे। मैनेजमेंट कोटे से दाखिले में 45 लाख खर्च होंगे। एमवी गौतम दो दिन बाद पत्नी शशि, बेटी दीपिका गौतम के साथ मुंबई पहुंचे। ग्रांट मेडिकल कॉलेज के जेजे हॉस्पिटल के प्रशासनिक भवन में उनकी मुलाकात डॉ. राकेश गुप्ता और संदीप पाटिल से हुई। उनके साथ अमन शर्मा नाम का कर्मचारी भी थी।
इन लोगों ने दाखिला फॉर्म भरवाने के साथ अन्य प्रमाणपत्र लिए और सौ फीसदी दाखिले का भरोसा दिया। वहां राकेश गुप्ता को दो लाख रुपये दिए और बरेली आ गए। 25 नवंबर को डॉ. राकेश गुप्ता के कहने पर उन्होंने सेटेलाइट बस स्टैंड पर कंप्यूटर नाम के व्यक्ति को 18 लाख रुपये दिए। इसके बाद दो दिसंबर को 15 लाख और 20 दिसंबर को 10 लाख रुपये और दिए। 45 लाख रुपये लेने के बाद दाखिले के नाम पर टालमटोल करने लगे। कई बार पूछने पर बताया कि मैनेजमेंट कोटे का मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। दस लाख रुपये और देने होंगे। ठगी का अहसास होने के बाद उन्होंने डॉ. राकेश गुप्ता, संदीप पाटिल, मीनाक्षी, अमन शर्मा और कंप्यूटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कैंट थाने के इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने बताया कि मामले में डॉ. राकेश गुप्ता, संदीप पाटिल, मीनाक्षी, अमन शर्मा और कंप्यूटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।