बरेली। कोरोना संक्रमण की बढ़ रही तादाद बुधवार को सुस्त रही लेकिन देर शाम मिली आरटीपीसीआर, ट्रूनेट और एंटीजन की करीब दो हजार से ज्यादा जांच रिपोर्ट में 45 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। आईडीएसपी इंचार्ज के संक्रमित मिलने के बाद बुधवार को तीन सौ बेड फ्लू कॉर्नर के सीनियर लैब टेक्नीशियन की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से खलबली मच गई। हालांकि, स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव आई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी संक्रमितों की सूची में एक बार फिर पॉश कॉलोनियों में संक्रमित मिले हैं। इसमें रामपुर गार्डन, ग्रीन पार्क, ग्रेटर ग्रीन पार्क, वीर सावरकर नगर, अरशाना रजीडेंस, राजेंद्र नगर, मॉडल टाउन शामिल है। इससे अभी तक बनाए गए 169 कन्टेनमेंट जोन की तादाद बढ़ने की आशंका से लोग दहशत में हैं। बता दें कि प्रशासन की ओर से तैयार किए गए कन्टेनमेंट जोन इलाकों में सर्वाधिक जोन पॉश कॉलोनियों में ही बने हैं। इसके अलावा बुधवार को बिहारीपुर, चौधरी मोहल्ला, जोगीनवादा, प्रेम नगर, पीएनबी कॉलोनी, दुर्गा पुरम, सिविल लाइंस, शाहजहांपुर के एक इंटर कॉलेज के पास, टेलीफोन कॉलोनी, कृष्णा कुंज, इज्जतनगर गेट नं दो, महानगर उत्सव, सुरेश शर्मा नगर समेत अन्य इलाकों में संक्रमित मिले हैं। जिनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग सर्विलांस टीम कर रही है।
कोविड चिकित्सालय में नहीं बनेगा ओपीडी पर्चा
संक्रमण बढ़ने के बाद फ्लू कॉर्नर पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। उधर, स्टाफ कम होने से आए दिन हंगामे की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने स्टाफ को पूरी तरह सैंपलिंग समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने बताया कि ओपीडी का पर्चा अब अस्पताल में नहीं बनेगा। अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो वह जिला अस्पताल में पर्चा बनवाए।
संक्रमण की रोकथाम के लिए परिसर सैनिटाइज
जिला महिला अस्पताल की एक चिकित्सक के संक्रमित मिलने के बाद बुधवार को जिला और महिला अस्पताल परिसर सैनिटाइज कराया गया। नगर निगम की टीम ने इमरजेंसी, पैथोलॉजी, ओपीडी, कार्यालय आदि सैनिटाइज किया। सीएमएस डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि परिसर को नियमित सैनिटाइज कराया जा रहा है। लोगों को कोरोना से बचाने के लिए कोविड प्रोटोकॉल के पालन का सुझाव दिया जा रहा है।
जन आरोग्य मेला में सिर्फ आरटीपीसीआर जांच
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में चल रही एंटीजन जांच को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश शासन ने दिए हैं। जारी आदेश में मेला में पहुंचने वाले संदिग्ध संक्रमितों की सिर्फ आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लेने को कहा है। पत्र में संक्रमण बढ़ने की आशंका जताते हुए एंटीजन से सिर्फ 30 फीसदी और आरटीपीसीआर के लिए करीब 50 फीसदी सैंपलिंग को कहा है ताकि हल्के वायरल लोड ट्रेस हो सके।