बरेली। फैशन डिजाइनिंग डिप्लोमा कोर्स में फेल छात्रों के हंगामे के बाद विश्वविद्यालय ने उनके रिकॉर्ड चेक कराए, जिसमें कॉलेज की लापरवाही सामने आई। इन छात्रों का रिजल्ट 2017 में ही जारी हो गया था, लेकिन नामांकन न होने के कारण रिजल्ट रोक दिया गया। कॉलेज ने इस बात की जानकारी छात्रों को नहीं दी। अब छात्रों को इम्प्रूवमेंट की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है।
शैक्षिक सत्र 2016-17 में फैशन डिजाइनिंग के अधिकतर छात्रों के रिजल्ट में नामांकन न होने के कारण आरडी लग गई थी। बरेली कॉलेज में ही तमाम छात्र हैं। छात्रों ने भी रिजल्ट देखने की जरूरत नहीं समझी। कॉलेज ने भी उनका नामांकन नहीं कराया। कोई देखने नहीं आया तो विश्वविद्यालय ने भी रिजल्ट ठंडे बस्ते में डाल दिया। कुछ छात्रों ने व्यक्तिगत तौर पर आरडी हटवाकर रिजल्ट जारी करा लिया। बाकी छात्रों को पता चला तो उन्होंने हंगामा शुरू किया। उनका कहना था कि तीन साल बाद रिजल्ट जारी हुआ और उसमें भी अधिकतर फेल कर दिए गए। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक का भी घेराव किया था। जिसके बाद रिजल्ट से जुड़े रिकॉर्ड निकलवाए गए। दरअसल, इन छात्रों के रिजल्ट में नामांकन की आरडी लगी थी। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार का कहना था कि इसमें कॉलेज और छात्राें की गलती है। आरडी हटवानी चाहिए थी। अब जो छात्र फेल हैं देखा जाएगा कि उनके लिए क्या बेहतर किया जा सकता है। जो पास हैं वो अपनी आरडी हटवा लें।