बरेली। दूरदराज बसे मजरों में ज्यादातर बच्चों के कुपोषित होने और तमाम बीमारियों के प्रकोप की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने सात सदस्यीय समिति गठित कर दी है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत समितियां गठित कर स्वास्थ्य सुविधाएं मजरों तक पहुंचाई जाएंगी।
समितियां ग्राम पंचायत के अधीन राजस्व ग्राम स्तर पर गठित होंगी। जिला समुदाय प्रॉसेस प्रबंधक जितेंद्र सिंह ने बताया कि इन समितियों का गठन 2011 की जनगणना के आधार पर 500 से कम जनसंख्या वाले मजरों के लिए होगा। इन सभी को संबंधित ग्राम पंचायत के निकट ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। इसके लिए जारी बजट की रकम जमा करने के लिए प्रधान और गांव की आशा का संयुक्त खाता होगा। बता दें कि अभी ग्राम पंचायतों में 1538 समितियां कार्यरत हैं। इसके अलावा अब नई समितियों का गठन होगा। समिति में अध्यक्ष ग्राम प्रधान समेत छह निर्वाचित सदस्य होंगे। इसमें एक महिला, एक अनुसूचित जाति-जनजाति, एक पिछड़ा वर्ग से और 3 सदस्य गांव के होंगे। आशा को सचिव बनाया जाएगा।
समिति के कार्य
कार्यों में स्वास्थ्य मुद्दों से संबंधित कार्य योजना बनाना, मातृ एवं शिशु मृत्यु की सूचना और कारणों की समीक्षा, महिलाओं, चिह्नित कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करवाना शामिल है। कुपोषण दूर करने के प्रयास, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वंचित परिवारों को जोड़न, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर चर्चा कर सुधार के सुझाव भी समिति देगी। साथ ही स्वास्थ्य में सुधार की रिपोर्ट भी शासन को भेजेगी।