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कॉलेजों को कार्रवाई का डर नहीं, पूरी नहीं की परीक्षा की व्यवस्थाएं

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बरेली। यूपी बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित हैं, ऐसे में कॉलेजों में मिलने वाली खामियां ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ज्यादातर कॉलेजों ने सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर नहीं लगाए हैं। अब छात्रों के बैठने के लिए भी इंतजाम पूरे नहीं हैं। ज्यादातर कॉलेज फर्नीचर का रोना रोने लगे हैं। डीआईओएस ने जीआईसी के प्रिंसिपल को नोडल अधिकारी बनाकर केंद्रों पर परीक्षार्थियाें की संख्या-सूचक चक्र एक सप्ताह के भीतर भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि है निरीक्षण के दौरान फर्नीचर की व्यवस्था जरूर देखी जाए।
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ज्यादातर कॉलेजों में अभी छात्रों की संख्या और सूचक चक्र नहीं भेजे गए। कॉलेजों को अभी पता नहीं कि उनके यहां कितने छात्र होंगे। शासन के निर्देश हैं कि इस बार परीक्षाएं टाट पट्टी पर नहीं होंगी, लेकिन निरीक्षणों में जो स्थिति सामने आ रही है उसको देखकर यही लग रहा है कि कॉलेजों ने आदेश हवा में उड़ा दिए हैं। सूत्रों की माने तो 128 में पचास फीसदी केंद्र ऐसे हैं जहां कक्षों में दोनों साइड कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर नहीं लगे हैं। डीआईअेाएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा का कहना है कि कॉलेजों को परीक्षा के लिए फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं। अब निरीक्षण में व्यवस्थाओं की हकीकत देखी जाएगी।

आसपास के कॉलेजों से लिया जाएगा फर्नीचर
डीआईओएस का कहना है कि जिन कॉलेजों में फर्नीचर नहीं है वो प्रत्यावेदन दें। वहां दूसरे कॉलेजों से फर्नीचर की व्यवस्था करा दी जाएगी। अगर किसी ने टाट पट्टी और तंबू लगाकर परीक्षा कराई तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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