एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में रैगिंग की घटना की जांच पूरी कर समिति ने सोमवार को रिपोर्ट सौंप दी। समिति ने रैगिंग की बात को सिरे से नकार दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सीनियर छात्र जूनियर्स से डीएसडब्ल्यू के फार्म भरवा रहे थे। इस दौरान सीनियर्स के दो गुटों में हुए विवाद की वजह भी जांच समिति नहीं खोज सकी। हालांकि प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने यह जरूर माना है कि छात्रों के दो गुटों में विवाद हुआ था, लेकिन इन छात्रों की पहचान अब तक नहीं कर सका है।
विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सीनियर छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद होने पर रैगिंग का मामला सामने आया था। कुछ सीनियर छात्रों ने जूनियर की रैगिंग की तो थर्ड ईयर के छात्रों का सेकेंड ईयर के छात्रों से विवाद हो गया था। मारपीट तक की नौबत आ गई थी। मामला खुलने के बाद विश्व विद्यालय प्रशासन ने समिति गठित कर मामले की जांच कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, समिति ने फर्स्ट ईयर, सेकेंड ईयर और थर्ड ईयर के छात्रों के अलावा शिक्षकों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी ने रैगिंग की फुष्टि नहीं की। ये जरूर माना है कि सीनियर छात्रों ने जूनियर से डीएसडब्ल्यू के फार्म भरवाए। समिति ने अपनी रिपोर्र्ट सोमवार को सौंप दी। रिपोर्ट में सिर्फ सतर्कता बढ़ाने की बात कही गई है।
विवाद की जड़ तक क्यों नहीं पहुंची समिति
डीएसडब्लयू कार्यालय के बाहर छात्रों का विवाद हुआ, लेकिन समिति ने इसकी पड़ताल नहीं की। फौरी तौर पर पूछताछ करके मामला निपटा दिया, जबकि जूनियर छात्रों से बदसलूकी भी की गई। नवीन छात्रावास में भी एक छात्र को परेशान किया गया, लेकिन इन तथ्यों की तरफ समिति ने ध्यान नहीं दिया। बस पूछताछ कर रिपोर्ट सौंप दी। हालांकि कैंपस में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
छह सेक्टर में बांटा यूनिवर्सिटी कैंपस
विश्वविद्यालय कैंपस को छह सेक्टर में बांटा गया है। इन पर प्रॉक्टर्स की टीम नजर रखेंगी। रैगिंग को लेकर सोमवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक भी हुई। सभी विभागों में रैगिंग को लेकर व्याख्यान होंगे। कैंपस से लेकर हॉस्टल तक प्रॉक्टर भ्रमण करेेंगे। विद्यार्थी गले में अपना आईकार्ड डालेंगे। सीनियर छात्र जूनियर की क्लास और हॉस्टल में नहीं जाएंगे। छात्र कैंपस में वाहन नहीं लाएंगे। अनुशासनहीनता और रैगिंग जैसी घटनाओं की वीडियो और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती ने बताया कि रैगिंग का मामला पकड़ा गया तो दोषी छात्रों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।