फ्लैग- प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त बैठक में कब्जेदारों पर कड़ी कार्रवाई का फैसला
हेडिंग- फोटोग्राफी के बाद सामान जब्त और कब्जेदारों पर मुकदमा
सब हेड- कचहरी से चौकी चौराहा, नावल्टी से कुतुबखाना तक अगले हफ्ते होगा चिह्नीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सड़क के किनारे नगर निगम की जमीन पर कब्जा कर अतिक्रमण करने वाले सावधान हो जाएं। अब पहले अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर फोटो और वीडियोग्राफी होगी। उनके नाम-पते नोट किए जाएंगे फिर उन्हें एक सप्ताह के अंदर अपना सामान खुद हटाने का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण न हटने पर नगर निगम जेसीबी से अतिक्रमण हटाएगा और सामान भी जब्त करेगा। अतिक्रमणकारियों पर एडीएम (सिटी) की कोर्ट में धारा 133 के तहत मुकदमा भी चलाया जाएगा। इसमें अतिक्रमणकारी से मोटा जुर्माना वसूलने और सजा का भी प्रावधान है।
यह फैसला शुक्रवार को प्रशासन की ओर से एडीएम (सिटी), नगर निगम और पुलिस की संयुक्त बैठक में लिया गया। एडीएम (सिटी) ओपी वर्मा ने कहा कि शहर के प्रत्येक रोड पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। नगर निगम की जेसीबी इधर कब्जा हटाती है, उधर दुकानदार फिर कब्जा कर लेते हैं। अब ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। सड़कें अतिक्रमण मुक्त रहें, इसके लिए अतिक्रमणकारियों पर धारा 133 के तहत मुकदमा चलाकर उनसे जुर्माना वसूला जाएगा और सजा दी जाएगी। इसके लिए सबसे पहले कचहरी से चौकी चौराहा और नावल्टी से कुतुबखाना तक सड़क के दोनों के अतिक्रमणकारी चिह्नित किए जाएंगे। अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों की वीडियो और फोटोग्राफी होगी। नगर निगम और पुलिस की टीमें प्रत्येक अतिक्रमणकारी का नाम, पता और फोन नंबर नोट कर उनका चिह्नीकरण करेंगी। इसके बाद सारे अतिक्रमणकारियों को एक हफ्ते का नोटिस भेजकर अपना अतिक्रमण खुद हटाने को कहा जाएगा। तय समय समाप्त होने के बाद नगर निगम की जेसीबी मौके अतिक्रमण हटाएगी। सामान भी जब्त किया जाएगा। थाने में दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद एडीएम कोर्ट में अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर धारा 133 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। एडीएम (सिटी) के अनुसार इस मुकदमे में हफ्ते में दो बार तारीख पड़ेगी। एक महीने में जुर्माना या सजा पर फैसला सुना दिया जाएगा। फिर अतिक्रमणकारी सजा भुगतें या कोर्ट के फैसले के खिलाफ ऊपर की अदालत में जाएं। बैठक में अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, सीओ सिटी, कोतवाली इंस्पेक्टर शामिल थे।