कमिश्नर पीवी जगनमोहन एवं आईजी एसके भगत ने आयुक्त सभागार में मंडल की कानून एवं शांति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि खुराफाती से निपटने के लिए आम आदमी से जुड़ना जरूरी है। इसके लिए गांव और वार्ड में खास लोगों की सूची बना लें।
कानून एवं शांति व्यवस्था शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाना चाहिए और दोषी छूट न पाए। पवित्र माह रमजान चल रहा है। ईद नजदीक है। इसके बाद सावन शुरु हो जाएंगे। हर गांव औरवार्ड से 10-12 खास लोगों की सूची बनाकर उनका मोबाइल नंबर ले लें। जरूरत पड़ने पर उनसे सीधे बात करें। इससे क्षेत्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। खुराफातियों को पाबंद करें। गुंडा, माफिया दबंग सांप्रदायिकता फैलाने वाला खुले में नहीं घूमना चाहिए। तहसील और समाधान दिवसों में आने वाले जमीन संबंधी विवादों का समाधान लेखपाल की रिपोर्ट पर न छोड़ दें। एसडीएम व सीओ स्वयं मौके पर जाकर देखेें। आईजी ने कहा कि हीनियस क्राइम में सजा अवश्य हो। उन्होंने जिलों से इसकी सूची भी मांगी है। सभी जनपद अपने यहां यातायात दुर्घटना जोन स्थलों का चिन्हांकन करा लें और उनका कारण दिखवाये फि र सुरक्षात्मक कार्रवाई होगी।
मारपीट आदि की घटनाओं में मेडिकल रिपोर्ट सही हो। झूठी रिपोर्ट कतई नही बननी चाहिए यदि कहीं भी मेडिकल रिपोर्ट असत्य पायी जाती है तो संबंधित डॉक्टर को भी उस अपराध में दोषी माना जायेगा।
बैठक में शांति एवं कानून व्यवस्था के अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में जिलाधिकारी बरेली डॉ. पिंकी जोवल, डीएम पीलीभीत शीतल वर्मा, डीएम शाहजहांपुर नरेंद्र कुमार सिंह और एसएसपी जोगेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।