बरेली। शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं की वजह से लोगों का जीना दूभर हो गया है। इनकी वजह से आए दिन हो रहे हादसों में लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। नगर निगम सालाना बजट में कान्हा उपवन और पशुओं के रखरखाव पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च करता है, लेकिन इसके बावजूद शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर गायों और सांडों के झुंड घूमते नजर आते हैं।
मंगलवार को निगम के दावों और जमीनी हकीकत की पड़ताल की गई। इसमें स्थिति चिंताजनक दिखी। सीबीगंज स्थित नंदोसी कान्हा उपवन में 1000 पशुओं को रखने की क्षमता है। हालांकि, वर्तमान में वहां क्षमता से अधिक पशु मौजूद हैं। बजट का बड़ा हिस्सा खर्च होने के बाद भी सड़कों पर सांड घूमते हैं। ये राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। शहर के वीवीआईपी इलाकों से लेकर मुख्य चौराहों तक जनता परेशान है। पशु पकड़ने वाली गाड़ियां दिखती हैं, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
प्रमुख इलाकों में बेसहारा पशुओं का आतंक
सुभाषनगर माल गोदाम रोड पर बेसहारा मवेशियों का जमावड़ा बड़ी मुसीबत है। थाने के पास अवैध कूड़ाघर होने से यहां गायों और सांडों का झुंड लगा रहता है। इससे कई गंभीर दुर्घटनाएं हुई हैं। सिविल लाइंस जैसे व्यस्त और पॉश इलाके का हाल भी खराब है। वनमंत्री अरुण कुमार के निवास वाले इस क्षेत्र में भी ठोस कार्रवाई नहीं होती।
निगम मुख्यालय के पास भी बदहाली
चौपुला चौराहे पर भी आवारा पशुओं का डेरा रहता है। भीड़भाड़ वाले इस इलाके में सांडों का मुख्य सड़क पर घूमना आम है। ये उग्र सांड राहगीरों पर हमला कर देते हैं, जिससे जान का खतरा बना रहता है। कालीबाड़ी रोड पर भी दिनभर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे कई लोग चोटिल हुए हैं। नगर निगम का मुख्य कार्यालय पास होने के बावजूद व्यवस्था बदहाल है।
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ये हुए हादसे
हादसा एक
बाइक सवार की हुई मौत
आंवला के रामनगर रोड पर बाइक के सामने सांड़ आने से बाइकर सवार हाकिम सिंह गिर पड़े थे। वहां मौजूद लोगाें ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मीरगंज में भी सांड़ के हमले से रमेश गुप्ता घायल हो गए थे। उन्हें गंभीर चोट आई थीं।
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हादसा दो
महिला हुई थी घायल
मई माह में सुभाषनगर में घर के बाहर खड़ी मन्नो देवी पर सांड़ पर हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। कई दिन उनका इलाज चला था। इसी तरह सुभाषनगर में ही कई अन्य घटनाएं भी हो चुकी है।
बयान
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जो पशु पकड़े जाते हैं उन्हें कान्हा उपवन में रखा जाता है, जहां उनकी देखभाल व उपचार किया जाता है। जिन इलाकों में बेसहारा पशु है उन्हें पकड़वाया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त