बरेली। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत तीसरे चरण में सीटें फुल होने से 31 विद्यार्थियों को विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल सका। वहीं 698 में से 349 आवेदकों के फॉर्म में त्रुटि होने से इन्हें निरस्त कर दिया गया। सिर्फ 318 बच्चों को विद्यालय में दाखिला मिला है। सबसे अधिक निरस्तीकरण दूसरे वार्ड में आवेदन और दस्तावेज में गलत जानकारी देने से हुए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरटीई के तहत पहले और दूसरे चरण में 2304 अभ्यर्थी चयनित हुए थे, जिसमें करीब 1800 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा चुका है। शेष की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इसमें से कई मामलों में विद्यालयों की ओर से प्रवेश देने में आनाकानी की जा रही है तो कुछ में दस्तावेज बाधा बन रहे हैं। तीसरे चरण में ऑनलाइन आवेदन 15 अप्रैल से आठ मई तक हुए थे। नौ से 15 मई तक दस्तावेज सत्यापित किए गए। 16 मई को लॉटरी निकलने के बाद 23 मई तक चयनित बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। कुल 698 आवेदन हुए, जिसमें से 349 की लॉटरी निकली। इसमें 318 को विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। वहीं, 31 विद्यार्थियों को विद्यालय में सीटें फुल होने के कारण प्रवेश नहीं मिल सका। 349 आवेदनों को फॉर्म में गलत जानकारी, दूसरे वार्ड में आवेदन, अपूर्ण जानकारी, गलत पता आदि के कारण निरस्त कर दिया गया।
आरटीई के तीसरे चरण में 698 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से 349 का लॉटरी के माध्यम से चयन हुआ था। 318 बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया की गई। शेष के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। -संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी