बरेली। बरेली से बदायूं तक 32 हजार आंखें कांवड़ मार्ग की निगहबानी करेंगी। पुलिस ने इसका फूल प्रूफ प्लान तैयार किया है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि बरेली से बदायूं तक छह हजार कर्मियों की ड्यूटी सुरक्षा व यातायात प्रबंधन में लगाई गई है। प्रमुख मार्गों, घाटों व मंदिरों पर पुलिस ने 20 हजार सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस लिया है। इनसे भी खुराफातियों की निगरानी व कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी ने बताया कि बरेली मंडल में पिछली बार चालीस लाख से ज्यादा कांवड़ियों ने गंगा घाटों से शिवालयों तक आवागमन किया था। इस बार संख्या और बढ़ सकती है। लिहाजा, कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मंडल के जिलों को आठ सुपर जोन, 26 जोन, 78 सेक्टर एवं 218 सब सेक्टर में विभाजित किया है। बरेली रेंज में 10 एसपी, 28 सीओ, 83 थाना प्रभारी, 10 इंस्पेक्टर, 110 दरोगा, 855 महिला दरोगा, 767 मुख्य आरक्षी, 2357 आरक्षी, 879 महिला आरक्षी, 911 होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है। 23 प्लाटून पीएसी, एक प्लाटून फ्लड पीएसी और एक कंपनी आरएएफ तैनात की गई है। गंगा घाट पर फ्लड पीएसी के साथ नाव, गोताखोर की भी व्यवस्था रहेगी।
बंद रहेंगी मांस की दुकानें, आवश्यक सेवाओं के लिए जारी होंगे पास
डीआईजी ने बताया कि पूरे सावन कावंड़ मार्ग पर मांस की दुकानें बंद रहेंगी। शराब की दुकानें ढकी रहेंगी। होटल, रेस्टोरेंट पर रेट लिस्ट चस्पा की जाएगी और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। शनिवार से सोमवार शाम तक संबंधित रूटों पर डायवर्जन रहेगा। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं दूध, ब्रेड, दवाओं व अखबार की आपूर्ति के वाहनों को पास जारी किए जाएंगे।
कांवड़ व डीजे की ऊंचाई-आवाज रहेगी सीमित
कांवड़ और डीजे की अधिकतम ऊंजाई 12 फुट रहेगी। डीआईजी ने बताया कि मुरादाबाद व संभल से बड़े डीजे इधर आने की परंपरा है जो बेहद तेज आवाज करते हैं। मेरठ जोन व मुरादाबाद रेंज के अफसरों के साथ बैठक करके इन डीजे के आने को लेकर रूपरेखा तय कर ली गई है। सुप्रीम कोर्ट के मानक से अधिक आवाज मिली तो डीजे जब्त किया जाएगा। उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ काशीपुर में बैठक करके वहां के कांवड़ियों को लेकर रूपरेखा तय कर ली गई है।
हर कांवड़ जत्थे का नोडल एक दरोगा
डीआईजी ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था की गई है। जत्थे के प्रमुखों पर टोली की जिम्मेदारी रहेगी। इनका ब्योरा पुलिस के रजिस्टर में दर्ज होगा और सभी को पहचान पत्र मिलेगा। हर जत्थे की जिम्मेदारी एक दरोगा को नोडल के तौर पर दी जाएगी। रास्ते की किसी भी तरह की दिक्कत होने पर कांवड़िये संबंधित दरोगा को कॉल पर बताएंगे। दरोगा की जिम्मेदारी होगी कि वह संबंधित जिले या क्षेत्र की पुलिस से संपर्क कर समस्या दूर कराए।
महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम
डीआईजी ने बताया कि इस बार महिला कावड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ऑपरेशन शक्ति के तहत महिला बीट, एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय किया गया है। कछला घाट पर महिला कांवड़ियों के लिए अलग स्नानागार बनाए गए हैं। जिन शिविरों में वह आराम करेंगी, वहां सीसीटीवी लगाने की व्यवस्था की गई है। कांवड़ शिविरों में एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीमें मौजूद रहेंगी।
पांच साल में दर्ज हुए 60 मुकदमे, 211 लोग हैं आरोपीडीआईजी ने बताया कि कांवड़ के दिनों में पांच साल में अब तक बरेली रेंज के चारों जिलों में 60 विवाद हुए हैं। इनमें 221 लोग आरोपी रहे हैं। फिलहाल, इनको नोटिस दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां पहले विवाद हुए हैं, वहां खास सतर्कता बरती जाए।
छतों पर ईंट-पत्थर मिले तो कार्रवाई
कांवड़ मार्गों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में घरों की छत पर ईंट-पत्थरों की चेकिंग भी ड्रोन के जरिये की जाएगी। अगर ऐसा मिला तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
पुलिस प्रशासन ने अपने स्तर से चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की हैं। रूट डायवर्जन से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना है। इसके लिए नागरिकों व कांवड़ियों का सहयोग अपेक्षित है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। - अजय कुमार साहनी, डीआईजी