बरेली। मोदी सरकार की ‘स्वच्छ भारत मिशन’ योजना का भविष्य अब केंद्र में नई सरकार आने के बाद ही तय होगा। इस योजना में बरेली के अंदर 2.5 लाख से अधिक स्वच्छ शौचालय बनाने के दावे किए गए। इन सबके बावजूद बरेली अभी पूरी तरह ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) नहीं हो पाया। अभी शहर और गांवों में कम से कम 1.0 लाख नए स्वच्छ शौचालयों की जरूरत है।
सरकारी फाइलों में तो बरेली को ओडीएफ कर दिया गया, लेकिन 54 हजार छूट गए परिवारों को स्वच्छ शौचालय बनाने का काम शुरू हुआ, जो अब तक चल रहा है। अभी 1800 से ज्यादा राजस्व गांव और उनके मजरों में तमाम नए परिवार बन गए हैं। कुछ पुराने परिवारों में भी शौचालय नहीं बन पाए। पंचायत राज विभाग के अफसरों का मानना है कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। कोई नया बजट शासन से मिलना संभव नहीं। इसलिए केंद्र में नई सरकार बनने के बाद ही इस योजना का भविष्य तय होगा।