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पार्किंग नहीं तो अब बरातघर और नर्सिंग होम की खैर नहीं

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बरेली। शहर भर में अवैध तरीके से बन चुके बरातघर, नर्सिंग होम, शॉपिंग कांपलेक्स समेत अन्य व्यवसायिक निर्माणों का बीडीए ने सर्वे करा लिया है। इसमें अब तक 300 व्यवसायिक अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। अभी सर्वे आगे भी चलता रहेगा, मगर इन तीन सौ अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रथम चरण में इनको नोटिस भेजा जाएगा। अवैध निर्माणकर्ताओं को प्राधिकरण नियमों का पालन करते हुए एक बार कंपाउंडिंग का मौका दिया जाएगा। फिर भी कंपाउंडिंग नहीं होती है तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अमर उजाला ने अप्रैल के आखिरी सप्ताह में अवैध तरीके से बनाए गए बरातघरों के संबंध में ‘बिना पार्किंग वाले बरातघर रोड पर जाम लगवाएंगे तो घर पहुंचने में घंटों लग जाएंगे’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इन बरातघरों ने पार्किँग न बनाकर आयोजन में आने वाले वाहन सड़क पर खड़ा करने के इंतजाम कर रखे हैं, जिसकी वजह से आम जनता को अपने घर जाने के लिए अनावश्यक तरीके से लगने वाले जाम से जूझना पड़ता है। इसके बाद बीडीए ने हरकत में आते हुए शहर भर में अवैध तरीके से बनाए गए व्यवसायिक निर्माण जैसे-बरातघर, नर्सिंग होम, शॉपिंग कांपलेक्स, दुकानों आदि का सर्वे शुरू करा दिया था। दो मई तक हुए बीडीए के सर्वे में शहर भर में 300 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इनमें यह पाया गया कि अवैध कामर्शियल निर्माण का या तो प्राधिकरण से मानचित्र नहीं स्वीकृत है या फिर आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराकर कामर्शियल निर्माण करा लिए गए। इक्का-दुक्का अगर कामर्शियल नक्शे मंजूर भी हैं तो उनका मौके पर निर्माण मानचित्र के अनुरूप नहीं कराया गया। अवैध व्यवसायिक निर्माणों से किस तरह जुर्माना वसूलकर और पार्किंग आदि बनवाकर प्राधिकरण के नियमों के तहत वैध किया जाए? अब बीडीए इस पर मंथन में जुटा है। इसके लिए अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। बीडीए की ओर से अवैध निर्माणकर्ताओं को पांच मई के बाद नोटिस भेजे जा सकते हैं।

रेग्यूलराइज्ड का मिलेगा एक मौका
बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल का कहना है कि बरातघर, नर्सिंग होम या अन्य तरह के कामर्शियल निर्माणकर्ताओं को एक बार अपनी बिल्डिंग को प्राधिकरण के नियमानुसार वैध करने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए बीडीए एक कैंप लगाएगा। उसमें बरातघर या नर्सिंगहोम या अन्य अवैध भवनों के मालिक आकर अपनी बिल्डिंग की स्थिति स्पष्ट करेंगे। प्रत्येक कामर्शियल बिल्डिंग को पार्किंग बनाना हर हाल में जरूरी होगा क्योंकि उनकी वजह से आम पब्लिक को जाम में फंसना पड़ता है। अगर भवन मालिक प्राधिकरण की बात पर सहमत होते हैं तो उनको निश्चित धनराशि जमा कराकर कंपाउंड किया जा सकेगा। बिना पार्किँग वाले भवनों की किसी भी कीमत पर खैर नहीं होगी। जो बारातघर या नर्सिंगहोम पहले बन चुके हैं, वह अंदर पार्किँग बना सकते हैं। पार्किंग चेक करने के बाद ही नए नक्शे जारी किए जाएंगे।
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