बरेली। पीलीभीत के ललौरीखेड़ा पूरनपुर के एफसीआई गोदामों से निकलने वाले राशन पर रास्ते में ही माफिया कब्जा कर रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो वायरल होने से इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ तो दो लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है, हालांकि इसके बावजूद माफिया को बचा दिया गया। अब सीएमडी ने यह मामला संज्ञान में आने के बाद विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।
एफसीआई डाला वसूली से लेकर गोदामों में अधोमानक खाद्यान्न भंडारित करने के लिए पहले से चर्चित है। रसुइया गोदाम से घटिया राशन जारी होने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। किसानों से खरीदा गया अच्छी क्वालिटी का चावल और गेहूं एफसीआई गोदामों में खराब होने का लंबा सिलसिला है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न एफसीआई ही जारी करता है। गोदामों पर राज्य भंडारण निगम (एसडब्लूसी) का नियंत्रण होता है। पांच वर्षों से एफसीआई नेटवर्क पूरी तरह राशन माफिया के हाथ में पहुंच गया है। असरदार ठेकेदार और एफसीआई अधिकारी गरीबों और स्कूली बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। बीते दिनों नवाबगंज के गरगईया गांव में चावल बदलकर कनकी मिलाने का खुलासा हुआ। तब पता चला किया रेल रैक पर लदान से पहले कैसे राशन रास्ते में बदला जा रहा है।
अफसर खामोश
स्थानीय एफसीआई अफसर नवाबगंज में पीलीभीत से आया राशन रास्ते में बदलने के मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं। यहां तक कि वे फोन तक नहीं उठा रहे हैं। माफिया की पकड़ नोएडा स्थित अधिशासी निदेशक कार्यालय तक है। यही वजह है कि वे इस घटनाक्रम को पीडीएस और सप्लाई विभाग से जोड़कर भ्रम फैला रहे हैं।
बरेली-अलीगढ़ जाना था राशन, माफिया के गोदाम में पहुंच गया
एफसीआई ने पीलीभीत गोदामों में भंडारित चावल अलीगढ़ और बरेली स्थित रेल यातायात से अन्य स्थानों के लिए जारी किया था। बताया जाता है कि रास्ते में चावल बदलकर रेल रैक पर लादने के लिए खाद्यान्न जारी कर दिया। बरेली मालगोदाम पर लगी रेल रैक पर 15 फरवरी को करीब 71321 बोरा चावल 42 डिब्बों में लादा गया। लेकिन गोदाम से दो दिन पहले ही चावल कैसे जारी कर दिया, इस पर स्थानीय अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कुछ माह पहले भी विभागीय टीम ने जांच कर घटिया चावल और गेहूं भंडारण की पुष्टि की थी। लेकिन नोएडा कार्यालय ने बरेली में तैनात अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
बरेली मंडल और आसपास के जिलों में स्थित एफसीआई गोदामों में भंडारित खराब राशन और खाद्यान्न रास्ते में बदलने अथवा कम करने संबंधी जानकारी मिली है। इसकी विजिलेंस जांच होगी। जल्द ही टीम मौके पर पहुंचेगी। - डीवी प्रसाद, चेयरमैन व प्रबंध निदेशक एफसीआई
पुलिस ने मारा छापा, राशन माफिया फरार
नवाबगंज। एफसीआई गोदामों से रेल रैक पर ले जाया रहा चावल रास्ते बदलने का आरोपी और माफिया भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने एफआईआर में नामित लोगों के ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन कोई पकड़ा नहीं जा सका। उधर, कुछ नेता राशन माफिया को बचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। बताते हैं कि सफेदपोशों के प्रभाव के चलते ही जांच टीम ने चावल को मुर्गी दाना बताया था।
गोदामों से खराब राशन
एफसीआई गोदामों में हजारों कुंतल घटिया खाद्यान्न विभागीय मिलीभगत से मौजूद है। पिछले एक सप्ताह से रसुईया आदि गोदामों से खराब राशन जबरन जारी किया जा रहा है। यही राशन गरीबों में वितरित होना है। इसकी जानकारी मिलने पर डीएसओ और एफएससी अफसरों ने एतराज कर दिया, लेकिन अभी तक सिलसिला जारी है। इस नेटवर्क में भी ठेकेदार हाबी बताए जाते हैं।
सात महीने बाद आरएफसी पद पर श्रीवास्तव तैनात
बरेली। सात महीने से खाली पड़े संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) के पद पर प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की शासन ने तैनाती कर दी है। एडीएम सिटी ओपी वर्मा और रिठौरा राशन घोटाले में जांच अधिकारी रहे सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला भी बरेली से हटा दिए गए हैं। शुक्ला एक राइस मिल से आढ़तियों का धान उठवाने पर भी विवादों में घिरे थे। आरएफसी जैसा मलाईदार पद सात माह से खाली था। संभागीय विपणन अधिकारी (आरएमओ) राममूर्ति वर्मा ही दोनों पदों पर काबिज थे। बताया जाता है कि खाद्य विभाग सीधे मुख्यमंत्री देखते हैं इसलिए कोई अधिकारी आरएफसी नहीं बनना चाहता था।