लखीमपुर खीरी। ठेकेदार को आयकर विभाग ने रिटर्न नहीं भरने पर नोटिस भेजा तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से एक फर्जीवाड़ा सामने आ गया। सिंचाई विभाग में फर्जी टेंडर डालकर छह करोड़ का भुगतान फर्जी बैंक खाते में करा लिया गया। जिले से जुड़े इस मामले का मुकदमा लखनऊ के जानकीपुरम थाने में दर्ज हुआ है। माना जा रहा है कि यह मामला बिना सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है।
सदर ब्लाक प्रमुख रूबी वर्मा के पति भाजपा नेता आशुतोष वर्मा सिंचाई विभाग में ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले उन्हें आयकर विभाग की ओर एक नोटिस आया। जिसमें समय से आयकर रिटर्न न भरने की बात लिखी थी। वह रिटर्न भर चुके थे, इसलिए वह चौंके कि आखिर दोबारा नोटिस कैसे जारी हो गया। उन्होंने पूरे मामले की पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि सिंचाई विभाग एटा में उनकी फर्म के नाम से एक फर्जी टेंडर डाला गया। टेंडर डालने वाले आरोपियों ने कोई काम भी नहीं करवाया और छह करोड़ रुपये का भुगतान करवा लिया। आरोप है कि जब सिंचाई विभाग ने छह करोड़ की चेक बनाई तो उस चेक को कैश कराने के लिए लखनऊ की एक बैंक में आशुतोष कुमार वर्मा के नाम से फर्जी खाता खुलवा लिया। बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने के बाद उन्होंने जिन लोगों को रुपये ट्रांसफर किए, उनमें गोला निवासी करुणेश वर्मा व सर्वेश कुमार वर्मा, कुमार मंगल, सचिन यादव, अनामिका वर्मा, संजीव ट्रेडर्स, विजय ईंट भट्ठा, जय जवान जय किसान फर्म और दो अंजान शामिल थे। सबके खिलाफ उन्होंने धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट लखनऊ के थाना जानकीपुरम में दर्ज करा दी है।
नाम ठेकेदार का फोटो किसी और की
ठेकेदार आशुतोष वर्मा के अनुसार आयकर विभाग से नोटिस मिलने के बाद पड़ताल के दौरान उन्हें बैंक ऑफ इंडिया जानकीपुरम शाखा लखनऊ में उनके नाम से चल रहे खाते की जानकारी हुई। बैंक में पहुंचकर उन्होंने शाखा प्रबंधक को पूरी बात बताई। इस पर उन्होंने एकाउंट खोलने के दौरान लगाए गए दस्तावेज खंगाले तो आशुतोष का नाम दर्ज मिला, जबकि फार्म पर फोटो किसी अन्य व्यक्ति का लगा था। आशुतोष का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने अभिलेखों की जांच किए बगैर ही खाता खोल दिया। इतना ही नहीं इस खाते में उन लोगों ने सिंचाई विभाग से मिले 6.12 करोड़ रुपये का भुगतान उसमें डाला। बाद में कई अन्य लोगों को पैसा ट्रांसफर कर दिया गया। बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर उन्हें इसकी जानकारी हुई।
इनको किया गया भुगतान, सभी पर रिपोर्ट
- करुणेश वर्मा निवासी गोला को 1.15 करोड़
- सर्वेश कुमार वर्मा निवासी गोला को 33 लाख
- कुमार मंगल को 3.35 करोड़
- सचिन यादव को पांच लाख
- अनामिका वर्मा को दो लाख
- संजीव ट्रेडर्स को 4.68 लाख
- विजय ईंट भट्ठा को छह लाख
- जय जवान जय किसान फर्म को 15.51 लाख
- दो अंजान लोगों को 60.90 लाख