बरेली। शहर के जूनियर हाईस्कूल में तैनात अनुदेशक ने एक शिक्षक नेता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। गुरुवार को अनुदेशक ने बीईओ को फोन कर कहा कि सर.. मैं डेढ़ साल में बहुत परेशान हो चुकी हूं। और बर्दाश्त नहीं कर सकती, अब सुसाइड करने जा रही हूं। यह सुनते ही बीईओ के होश उड़ गए। उन्होंने फौरन ही एबीआरसी को मौके पर भेजा और फिर दोनों पक्षों की बात कराई गई। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। हालांकि शिक्षक नेता ने माफी मांगी तो मामला रफा-दफा हो गया।
यह घटना शहर के एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल की है। प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक शिक्षक नेता हैं। पड़ोसी जूनियर हाईस्कूल में तैनात महिला अनुदेशक का आरोप है कि शिक्षक नेता चाहते हैं कि वह उनके स्कूल में पढ़ाएं। इंकार किया तो वो परेशान करने लगे। पिछले डेढ़ साल से तरह-तरह की खुराफात कर रहे हैं। 31 दिसंबर से तो काफी परेशान कर रखा है। कहते हैं कि बीएलओ में ड्यूटी नहीं करने देंगे। संविदा खत्म करा देंगे। जब कोई बस नहीं चला तो बुधवार को 9.51 बजे स्कूल पहुंचने के बावजूद रजिस्टर पर ‘लेट’ लिख दिया, जबकि स्कूलों का समय दस बजे का है। इसको लेकर दोनों में कहासुनी हुई तो अनुदेशक ने स्कूल से ही बीईओ को फोन कर दिया और उत्पीड़न की बात कहते हुए सुसाइड की धमकी दे डाली। बीईओ ने फौरन ही एबीआरसी अनिल चौबे को मौके पर भेजा तो उनके सामने भी काफी देर तक हंगामा होता रहा। गुस्से में आई अनुदेशक ने कुर्सी उठाकर फेंक दी। फिर शिक्षक नेता ने माफी मांगी और मामला रफा-दफा हो गया।
‘अनुदेशक का फोन आया था और शिक्षक नेता द्वारा परेशान करने की बात कही थी। इसके बाद एबीआरसी को तत्काल मौके पर भेजा गया। दोनों पक्षों को बैठाया गया तो उनका समझौता हो गया।’
- देवेश राय, खंड शिक्षा अधिकारी नगर