बरेली। सरकार ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए पांच कैटैगरी के आवेदकों को रियायत क्या दी। आवेदक उसका प्रमाण पत्र लगाकर फायदा उठाने में जुट गए हैं। शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों में सबसे ज्यादा प्रमाण पत्र नेशनल या स्टेट शूटरों के लगे हुए मिल रहे हैं। स्टेट राइफल एसोसिएशन को खुद पता नहीं कि बरेली में कितने शूटर हैं, मगर जिस तरह से शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों में शूटरों के प्रमाण पत्र लगे मिल रहे हैं, उससे लगता है गली-गली में शूटर हो गए हैं। अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं कि शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में लगे प्रमाण पत्र फर्जी हैं या असली। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रमाण पत्रों की जांच के लिए स्टेट और राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिवों को पत्र लिखा है।
राज्य सरकार ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए पांच श्रेणियों के आवेदकों को प्राथमिकता दे है। पहली श्रेणी में मृतक आश्रित, दूसरी में 70 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति का लाइसेंस ट्रांसफर या लाइसेंस की उम्र 25 साल से अधिक हो, तीसरी श्रेणी में नेशनल शूटर, चौथी श्रेणी में गंभीर अपराध में जान का खतरा और पांचवीं श्रेणी में किसी क्रिमिनल केस में बतौर गवाह आवेदक को जान का खतरा हो। शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में सबसे ज्यादा नेशनल शूटरों की कैटेगरी के प्रमाण पत्र लगे मिल रहे हैं। अभी 20 ऐसे आवेदन पकड़े गए हैं, जिनके आवेदकों ने खुद को नेशनल शूटर बताकर शस्त्र लाइसेंस देने के लिए आवेदन किया है। बरेली राइफल क्लब के तीस साल पुराने संरक्षक पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव का कहना है कि नेशनल शूटर के तौर पर वह बरेली में केवल कमलसेन को ही जानते हैं। बाकी अगर किसी ने नेशनल खेला है तो वह इस आधार पर नेशनल शूटर नहीं हो सकता। अगर खिलाड़ी को नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में पुरस्कार मिला होगा, वही नेशनल शूटर माना जाएगा। महिपाल सिंह यादव स्टेट राइफल क्लब एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। इनका मानना है कि बरेली में चार या पांच नेशनल शूटरों को ही जानते हैं। अगर इनकी सही संख्या तो शूटरों की सूची देखने पर ही पता चलेगी। एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी भी शूटरों की इतनी बड़ी संख्या से इनकार कर रहे हैं।
शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में यह हैं शूटर
दानिश अहमद, सबीहउद्दीन सिद्दीकी, नेहा बी, करीना खां, शाहबुल रजा खां, तैयब अली, फुरकान अली, सलमान खां, नकुल चौधरी, असद रसीद खां, जावेद अली, अब्दुल वाजिद, अकमल जमाल उल्ला, फिराज खां, अजहर बेग, बिलाल अख्तर, मोहम्मद अली शान, मोहम्मद मेराज इम्तियाज।
‘ शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों में शूटर होने के प्रमाण पत्र बड़ी संख्या में लगे हैं। हमने दर्जनों आवेदनों में शूटर के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए स्टेट राइफल और राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन को पत्र लिखा है। जांच में शूटर होने के प्रमाण पत्र गलत निकले तो एफआईआर कराई जाएगी।’
- अशोक कुमार शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट