फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीडीए की ‘सेटिंग’ तो सबको दिखती है, अब सख्ती भी देखिए

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। यह सच है कि बीडीए के संरक्षण में ही शहर के अंदर दो सौ से ज्यादा अवैध कॉलोनियां बस गईं हैं। आमतौर पर भी लोग अवैध निर्माण के पीछे बीडीए की ‘सेटिंग’ की बात करते हैं, मगर अब अफसरों से बदसलूकी के बाद प्राधिकरण की टीम अपनी पर उतर आई तो दोहना पीतमराय में पीएसी और पुलिस फोर्स समेत जेसीबी ले जाकर पूर्व प्रधान फैयाज और प्रधान पप्पू के अलावा अन्य कॉलोनाइजर्स की 45 हजार वर्ग मीटर एरिया में निर्माणाधीन अवैध कॉलोनियों पूरी तरह तहस-नहस कर दीं।
विज्ञापन

दोहना पीतमराय में दो हफ्ते पहले बीडीए की टीम प्रधान पप्पू और पूर्व प्रधान फैयाज की अवैध कॉलोनी बिना पुलिस लिए ही ध्वस्त करने गई थी। उस समय इनके गुर्गों ने टीम पर हमला कर जेसीबी ड्राइवर की पिटाई की थी। अफसरों से भी बदसलूकी की। बीडीए की ओर से पूर्व प्रधान फैयाज, प्रधान पप्पू यादव और सचिन यादव के अलावा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना भोजीपुरा में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने डीएम और एसएसपी से फोन पर बात करने के बाद पुलिस-पीएसी के अलावा तहसीलदार सदर आनंद तिवारी की मदद ली। इनकी मौजूदगी में बीडीए टीम ने बुधवार को दोहना पीतमराय में इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने 10 हजार वर्ग मीटर से अधिक एरिया में अवैध कॉलोनी के बिजली के पोल, प्लॉट बेचने के लिए बना ऑफिस, बाउंड्रीवाल और सड़क तोड़ दी। पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में प्राधिकरण की टीम इस कदर आक्रामक थी कि न तो कॉलोनाइजर वहां नजर आए और न ही उनके समर्थक दिखे। हालांकि अधिकांश अवैध निर्माण उसी दिन तोड़ दिया गया था, जिस दिन गुर्गोँ ने टीम को घेरा था। इनके साथ ही दोहना पीतमराय में ही दोनों के बगल में हितेंद्र सिंह और देवेंद्र सिंह के 30 हजार वर्ग मीटर एरिया में निर्मित 12 भवनों पर भी बीडीए का बुलडोजर चला। इनके कार्यालय भवन, बाउंड्रीवाल, सड़क, बिजली पोल और प्लाटों की नीव उखाड़ दी गई।

गोल्डन ग्रीन पार्क में भी अवैध निर्माण ध्वस्त
बीडीए टीम ने बीसलपुर रोड पर एसआर पेट्रोल पंप के सामने गैस एजेंसी के बराबर और राधा माधव स्कूल के बीच में करीब 10 हजार वर्ग मीटर एरिया में निर्मित बड़े भवन भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। इनका बेसमेंट बनाया जा रहा था। इस कॉलोनी की बाउंड्रीवाल और सड़कें भी ध्वस्त की गईं। पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में अवैध निर्माणकर्ता विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें