बरेली। बरेली-सीतापुर फोरलेन का काम बीच में छोड़कर जाने वाली इरा इंफ्रा इंजीनियरिंग कंपनी की जब्त 55 करोड़ की जमानत राशि से एनएचएआई हाईवे के अधूरे काम पूरे कराएगी, साथ ही बरेली से लेकर सीतापुर के बीच सड़क सुरक्षा के काम भी शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। एनएचएआई ने इसके लिए ई-टेंडरिंग की प्रकिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि तीन से चार दिन में काम शुरू करा दिया जाएगा।
फोरलेन का काम कर रही इरा इंफ्रा इंजीनियरिंग कंपनी ने 2700 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को तो ले लिया, लेकिन काम बीच में ही छोड़कर बैंकों से अरबों का कर्ज को लेकर भाग गई। एनएचएआई ने कंपनी मालिक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसकी 55 करोड़ की जमानत राशि जब्त कर ली है। एनएचएआई अब इस रकम को फोरलेन के अधूरे काम पूरे कराने में खर्च करेगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि बरेली से शाहजहांपुर होते हुए सीतापुर तक बीच-बीच में अधूरे छोड़े गए काम पूरे कराया जाना बेहद जरूरी है। बरेली के अलावा शाहजहांपुर, लखीमपुर-खीरी, सीतापुर और हरदोई जिले की सीमा से होकर गुजर रहा यह फोरलेन कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसमें फरीदपुर बाईपास, कटरा, तिलहर सहित कई जगहों पर हाईवे का एक साइड ही निर्माण होने से वहां हादसे का खतरा भी बना हुआ है। एनएचएआई जब्त की गई जमानत राशि से इन कार्यों को पूरा कराएगी। साथ ही लगभग डेढ़ सौ किमी लंबे फोरलेन पर करीब दो सौ जगहों पर रोड सेफ्टी के लिहाज से भी कैटआई, रेडीयम सिग्नल सहित अन्य काम भी कराएगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया जारी है। इसका ठेका देकर ही हाईवे को दुरुस्त कराने का काम शुरू हो जाएगा।
अब पुलिस करेगी इरा कंपनी के खिलाफ जांच
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने वर्ष 2010 में एनएच-24 के बरेली-सीतापुर के बीच 157 किमी सड़क को फोरलेन करने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसका 2700 करोड़ रुपये का कांट्रेक्ट लेने वाली इरा इंफ्रा इंजीनियरिंग कंपनी फोरलेन का काम बीच में ही छोड़कर भाग गई। कंपनी बैंकों से लिया अरबों का कर्ज भी डकार कर बैठ गई। एनएचएआई ने इंतजार और नोटिस की लंबी प्रक्रिया के बाद सोमवार को कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। अब इस मामले की जांच पुलिस शुरू करेगी।
जमानत की धनराशि से फोरलेन के सुधार का काम होगा। इरा इंफ्रा कंपनी ने हाईवे पर रोड सेफ्टी के कोई भी कार्य नहीं कराए थे। इस रकम से क्षतिग्रस्त व अधूरे हाईवे को भी ठीक किया जाएगा। - आकांश दीक्षित, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई