अमर उजाला फालोअप
फ्लैग- सिकलापुर बिल्डिंग सील प्रकरण
जेई अफसरों से गिड़गिड़ाया, घूस नहीं ली तो मुझे फंसाया
- शोरूम निर्माण शुरू होने से पहले रोका था, नहीं माने निर्माणकर्ता
बरेली। सिकलापुर में फर्नीचर शोरूम बिल्डिंग सील प्रकरण में बीडीए जेई ने अपने उच्चाधिकारियों के समक्ष सफाई दी कि निर्माणकर्ता उस पर एक लाख की घूस मांगने का गलत आरोप लगा रहे हैं। उसने फर्नीचर शोरूम का बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण शुरू होने से पहले रोका था। तब अवैध निर्माणकर्ताओं ने उसे घूस का ऑफर दिया था। जब उसने पैसे नहीं लिए और बीडीए की टीम दोबारा अवैध निर्माण सील करने पहुंची, तब निर्माणकर्ता उस पर दबाव बनाने के लिए 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल, बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार ने इस मामले के अलावा बीडीए कर्मचारी की अवैध बिल्डिंग निर्माण के भी जांच के आदेश दिए हैं।
सिकलापुर में शुक्रवार को बीडीए की टीम ने फर्नीचर शोरूम की बिल्डिंग सील की थी। उसमें वित्तमंत्री के सिपहसालारों ने पहुंचकर काफी हंगामा काटा था। शोरूम मालिक और वित्तमंत्री के सिपहसालारों ने बीडीए जेई पर शोरूम का बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध निर्माण कराने के बदले एक लाख की घूस तय करने और उसमें से 50 हजार रुपये एडवांस लेने के आरोप लगाए थे। साथ ही बीडीए टीम से यह भी कहा गया था कि वह अपने ही कर्मचारी का बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण क्यों नहीं सील कर रहे। अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने इस मामले में संबंधित जेई के अलावा टीम के अन्य सदस्यों से पूछताछ की गई। इसमें जेई ने सफाई दी कि उसको शोरूम मालिक ने अवैध निर्माण के बदले पैसे का ऑफर जरूर दिया था, लेकिन उसने यह ऑफर स्वीकार नहीं किया। इसी वजह से लोग उस पर घूस लेने का आरोप लगा रहे हैं। बीडीए उपाध्यक्ष ने जेई प्रकरण के अलावा बीडीए कर्मचारी का बिना नक्शा स्वीकृत कराए मकान निर्माण की भी जांच कर रिपोर्ट मांगी है।