अफसरों का बरेली जोन में अब तक की सबसे बड़ी बिजली चोरी पकड़े जाने का दावा
बरेली/बहेड़ी/रिछा। बिजली विभाग ने रिछा की एक राइस मिल में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की चोरी पकड़ी है। बृहस्पतिवार को जब विभागीय टीम ने यहां छापा मारा तो कनेक्शन में हाईटेक डिवाइस और आईसी के जरिये बिजली चोरी होते देख हैरान रह गए। अफसरों का दावा है कि बरेली जोन में बिजली चोरी का अब तक का यह सबसे बड़ा मामला है। राइस मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। बिजली चोरी के इस मामले में विभागीय लोगों का हाथ होने के संदेह में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
रिछा में जहानाबाद मार्ग स्थित बिस्मिल्लाह राइस मिल में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी होने की शिकायतें कुछ समय से ऊपर तक पहुंच रही थीं। अधीक्षण अभियंता एसटी जलील ने हाल ही में गोपनीय तरह से राइस मिल की रेकी कराई, इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर वह विजिलेंस टीम लेकर राइस मिल पर चेकिंग के लिए पहुंचे। बिजली विभाग की टीम देखकर राइस मिल के स्टाफ में खलबली मच गई। अधीक्षण अभियंता ने राइस मिल परिसर को घिरवाने के बाद उसके गेट पर लगे मीटर और बिजली उपकरणों की जांच शुरू कराई।
शुरुआती छानबीन में ही पता चल गया कि राइस मिल में बिजली की खपत काफी कम है। हालांकि ऊपरी तौर पर मीटर सिस्टम भी सही दिख रहा था। अफसरों को लगा कि उन्हें शायद गलत जानकारी मिली है लेकिन लौटने से पहले उन्होंने मीटर सिस्टम के साथ कुछ उपकरणों को भी खुलवाकर जांच कराई। पूरे सप्लाई सिस्टम की गहराई से जांच की गई तो उसमें अलग से लगाई गई डिवाइस और आईसी जैसे उपकरण पकड़ में आ गए। इसके बाद अफसर काफी समय तक यह जानने के लिए माथापच्ची करते रहे कि सरकारी मीटरिंग सिस्टम में अलग से डिवाइस आखिर कैसे लगा दी गई।
260 केवीए के कनेक्शन पर हर दिन हो रही थी लाखों की चोरी
राइस मिल चलाने के लिए बिजली विभाग से 11 केवी की हाईटेंशन लाइन पर 260 केवीए क्षमता का कनेक्शन लिया गया था। राइस मिल मालिक ने तकनीकी जानकारों की मदद से सप्लाई सिस्टम यानी पीटी उपकरण में अलग से डिवाइस लगवा ली गई थी जिसकी वजह से लगातार सप्लाई चलने के बावजूद मीटर रीडिंग पल्स नहीं चलती थी। इससे बिजली विभाग को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही थी। ऊपरी तौर पर बिजली चोरी का अंदाजा लगाना मुश्किल था।
मीटरिंग सिस्टम में अलग डिवाइस लगाना उच्चस्तर के तकनीकी जानकार का काम
तकनीकी जानकारों के मुताबिक सरकारी सिस्टम में अलग से उपकरण लगाकर हर दिन लाखों रुपये की बिजली चोरी करना बगैर विभागीय मिलीभगत के संभव नही है। दरअसल मीटर, पीटी, सीटी आदि सप्लाई सिस्टम विभाग ही स्थापित करता है। ये उपकरण लगने के बाद विभागीय इंजीनियर पूरा सिस्टम चेक करते हैं। सूत्रों के मुताबिक हाईटेंशन लाइन का शटडाउन लिए बगैर सिस्टम में अतिरिक्त डिवाइस नहीं लगाई जा सकती। विभागीय अफसरों ने बताया कि मीटरिंग सिस्टम ऐसी डिवाइस पहली बार लगी पाई गई है। यह उच्चस्तर के तकनीकी जानकार का काम है। दिल्ली या नोएडा में ही ऐसे लोग हैं। इसलिए विभाग ने आंतरिक साठगांठ की संभावना पर भी जांच शुरू कर दी है। चेकिंग टीम में एक्सईएन रामनरेश सरोज, अशोक कुमार, एसडीओ राहुल आशीष, एसडीओ उपखंड बहेड़ी अमित कुमार गंगवार आदि शामिल थे।
छह महीने पहले पकड़ी गई थी सवा करोड़ की चोरी
रिछा में पकड़ी गई चोरी बरेली जोन में अब तक सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण एसटी जलील ने छह महीने पहले दियोचरा में एक कोल्ड स्टोर में छापा मारकर सवा करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी थी। इस मामले में एसडीओ और जेई निलंबित हुए थे। माना जा रहा है कि रिछा में पकड़े गए मामले में भी इस तरह की विभागीय कार्रवाई संभव है।