बरेली। आईजीआरएस पोर्टल एवं हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के फर्जी निस्तारण के मामले में डीएम ने 29 अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। हिदायत दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो वह कार्रवाई के लिए सक्षम स्तर पर अवगत कराएंगे।
पीड़ितों से संपर्क किए बिना उनकी अर्जियों के कागजी निस्तारण के संबंध में अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। डीएम अविनाश सिंह ने इसका संज्ञान लेकर बेपरवाह अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इन बेपरवाह अधिकारियों ने एक से नौ सितंबर के बीच प्राप्त शिकायतों में से 135 मामलों में पीड़ित से संपर्क किए बिना समस्या निस्तारण दिखा दिया है। शासन ने नौ दिनों में जिले के 871 प्रार्थनापत्रों के निस्तारण का फीडबैक लिया तो 204 शिकायतकर्ताओं ने असंतुष्टि जाहिर की।
इन अधिकारियों से मांगा गया जवाब
एसडीएम मीरगंज, नवाबगंज व आंवला के तहसीलदार, पीडी डीआरडीए, जिला अस्पताल के सीएमएस, नवाबगंज, रामनगर व मीरगंज के बीडीओ, बहेड़ी, फरीदपुर व मीरगंज के चकबंदी अधिकारी, उपायुक्त वाणिज्य कर विभाग, अधिशासी अभियंता बिजली, मीरगंज सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षक, डीएफओ से डीएम ने स्पष्टीकरण मांगा है। इसी तरह डायट प्राचार्य, अधिशासी अभियंता नगर द्वितीय, अभिहित अधिकारी, नवाबगंज के सब रजिस्ट्रार, उप्र जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता, एडीओ पंचायत दमखोदा और मीरंगज के सीडीपीओ व पूर्ति निरीक्षक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी तरह जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी, सामान्य प्रबंधक उद्योग, बीईओ भुता, पशु चिकित्सा अधिकारी भदपुरा से भी डीएम ने जवाब-तलब किया है। संवाद