गुजरात के जामनगर से बरेली जंक्शन पर ट्रेन पहुंचने के बाद अपना कोच खुलने का इंतजार करते श्रमिक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सुबह पालनपुर से और शाम को जामनगर से श्रमिक स्पेशल
बरेली। गुजरात से सुबह और शाम को आईं ट्रेनों से 2880 श्रमिक जंक्शन पर उतरे। सभी श्रमिकों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उनके शहर की बसों में बैठाकर रवाना किया गया। दो-दो ट्रेनों के आने से पहली बार जंक्शन दिनभर गुलजार रहा।
जंक्शन पर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन (09583) पालनपुर से चलकर सुबह 7.40 बजे पौने दो घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन में 1485 यात्री थे। आरपीएफ और जीआरपी ने एक-एक कोच खुलवाकर यात्रियों को प्लेटफार्म पर उतारा। 8.35 बजे तक ट्रेन पूरी खाली हो चुकी थी। इस दौरान जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। सरकुलेटिंग एरिया में मौजूद प्रशासन की टीम ने सभी यात्रियों को उनकी संबंधित बसों में बैठाकर उन्हें घरों को रवाना किया।
वहीं दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन (09605) जामनगर से चलकर शाम साढ़े छह बजे ढाई घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। ट्रेन पहले कानपुर होते हुए बरेली आनी थी, लेकिन ऐन मौके पर ट्रेन का रूट बदलकर जयपुर, मथुरा और कासंगज कर दिया गया। इस ट्रेन से 1214 श्रमिक और 181 बच्चे समेत 1395 लोग उतरे। स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को बसों में बैठाकर रवाना कर दिया गया। बाद में दोनों ट्रेनों को सैनिटाइज करके वापस खाली गुजरात भेज दिया गया। आज की पूरी व्यवस्था में सीएमआई संजीव दुबे, सीआईबी बीए खान, विनोद सोनकर, अरुण कुमार, जिला अस्पताल के एसीएमओ डॉ. आरएन गिरि और प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट का सक्रिय योगदान रहा।
बिना ग्लब्स पहने कर रहे थे थर्मल स्क्रीनिंग
जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम बिना ग्लब्स पहने ही गुजरात से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रही थी। यहां तक की खुद डॉक्टरो की टीम की कमान संभाले हुए एसीएमओ डॉ. आरएन गिरि भी बिना ग्लब्स के थे। यह देखकर अन्य विभागों के लोग भी संक्रमण के डर से आशंकित हो गए। उन्होंने डॉक्टरों की टीम से भी दूरी बना ली।