जांच के दौरान जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों के 23 परचे खारिज हो गए। इन परचों के खारिज होने के बाद अब मतदान में ईवीएम में एक ही पैनल से मतदान हो सके गा। जांच प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई और देर रात तक चलती रही। बरेली शहर विधानसभा में सर्वाधिक 11 परचे खारिज होने के कारण वहां इन परचों को खारिज करने का आदेश जारी करने में देर रात हो गई। जबकि मीरगंज और आंवला में एक भी परचा खारिज नहीं हुआ है।
इन निर्वाचन क्षेत्रों के आरओ का कहना है कि यह सभी परचे नमांकन के साथ दाखिल शपथपत्र में कमियों के कारण खारिज हुए हैं। इनमें से कुछ परचों में प्रस्तावक नहीं थे। कु छ के हस्ताक्षर नहीं थे। एक विधानसभा में तो दूसेर विधानसभा के प्रस्तावक अंकित कर दिए गए थे।
इनके खारिज हुए पर्चे
बहेड़ी: राष्ट्रीय लोकदल से प्रियवन कुमार और शांति देवी
भोजीपुरा: आयसा इस्लाम, कृष्ण पाल और भगवत सरन।
नवाबगंज: बृजनंदन और लेखपाल
फरीदपुर: वीरपाल और धीरज कुमार
बिथरीचैनपुर: राम कुमार, रश्मि देवी और नागा बाबा वृहस्पति गिरी।
बरेली : राकेश अग्रवाल, त्रिभुवन शर्मा, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, पप्पू सागर, प्रमोद कुमार अग्रवाल, दीन दयाल, राम चंदर, कैलाश चंद्र वर्मा, राजेंद्र कुमार उर्फ बंटू सिंह, धीरज सरन तथा सुल्तान खां।
बरेली कैंट: संजीव भैया, मोहम्मद कलाम तथा मोहम्मद फिरदौस खान उर्फ अंजुम
नियमों के विपरीत खारिज हुआ परचा
शहर विधानसभा से त्रिभुवन शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनका पर्चा निर्वाचन अधिकारी ने नियम विपरीत खारिज किया है।