उत्तराखंड और बरेली के बीच मादक पदार्थ तस्करों को जबरदस्त नेटवर्क फैला है। बरेली के तस्कर जहां आए दिन उत्तराखंड में पकड़े जा रहे हैं, वहीं उत्तराखंड के तस्कर भी बरेली मंडल में पकड़े गए हैं। आईजी रमित शर्मा ने पिछला रिकॉर्ड निकलवाया तो पता चला कि पिछले तीन साल में अफीम, स्मैक और शराब की तस्करी के मामले में उत्तराखंड के 220 तस्कर बरेली मंडल में गिरफ्तार हुए हैं।
उनकी गिरफ्तारी बदायूं को छोड़कर मंडल के शेष तीन जिलों बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में हुई है। इन तस्करों की सूची उत्तराखंड के अधिकारियों को भेजी गई है। अब वहां की पुलिस यह पता करेगी कि जेल से छूटने के बाद ये तस्कर क्या कर रहे हैं।
मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भले ही बरेली बदनाम है लेकिन पिछले दिनों पुलिस ने जो ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, उससे तस्करों की कमर टूट चुकी है। फतेहगंज पूर्वी और पश्चिमी के अधिकांश स्मैक तस्कर जेल में हैं। उनकी करोड़ों की संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है और फ्रीज की जा चुकी है।
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बरेली के ही तस्कर उत्तराखंड में पकड़े गए हैं, बल्कि बड़ी संख्या में उत्तराखंड के तस्कर भी बरेली मंडल में मादक पदार्थों के साथ पकड़े जा चुके हैं। इनमें ऊधमसिंह नगर के तस्करों की संख्या सबसे ज्यादा है।
बदायूं को छोड़कर पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर में ऊधमसिंह नगर के 146 स्मैक तस्करों को पिछले तीन सालों में गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शराब की तस्करी के मामले में 26 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। हरिद्वार का एक युवक स्मैक की तस्करी के मामले और 21 लोग शराब की तस्करी के मामले में पकड़े जा चुके हैं। देहरादून के 20, नैनीताल के चार, चंपावत और पौढ़ी गढ़वाल का एक-एक युवक शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
पिछले तीन सालों में बरेली मंडल में पकड़े गए उत्तराखंड के तस्करों की सूची बनवाकर वहां के अधिकारियों को भेजी गई है। ताकि इनकी निगरानी की जा सके।
- रमित शर्मा, आईजी बरेली।