बरेली। कैंट इलाके में तमाम लोगों के मधुमक्खियों के जहरीले डंक से घायल होने के बाद करीब डेढ़ महीना पहले कैंट बोर्ड के अधिकारियों और पार्षदों के बीच शुरू हुई ‘जंग’ आखिरकार थमने के आसार नजर आ रहे हैं। पार्षदों के लगातार विरोध के बाद अधिकारियों की ओर से आखिरकार मधुमक्खियों के छत्ते तोड़ने की अनुमति तो दे दी गई लेकिन इस शर्त पर कि छत्तों से निकलने वाला आधा शहद उन्हें दिया जाएगा। शहद के आधे-आधे बंटवारे पर दोनों पक्षों में रजामंदी के बाद ‘सीज फायर’ हो गया है। अब सोमवार को छत्ते तोड़कर शहद निकालने का काम शुरू हो जाएगा।
कैंट के सदर बाजार में वृंदावन गेस्ट हाउस के पास तमाम पेड़ों पर मधुमक्खियों के अनगिनत छत्ते हैं। इधर से गुजरने वाले लोगों पर अक्सर मधुमक्खियां हमला कर देती हैं। करीब डेढ़ महीने पहले इस गेस्ट हाउस में एक आयोजन के दौरान कोई छत्ता छिड़ गया जिसके बाद गुस्साई मधुमक्खियों ने आयोजन में मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के काटने से कई लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। इस घटना के बाद ही कैंट बोर्ड के पार्षदों ने अधिकारियों पर कैंट क्षेत्र से मधुमक्खियों के छत्ते हटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने पहले तो पार्षदों को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी लेकिन छत्ता तोड़कर शहद निकालने वाले ने जब एक छत्ता तोड़ने की एवज में 12 सौ रुपये की मांग की तो मामला फंस गया। पार्षदों ने जनता की सुरक्षा के लिए कैंट बोर्ड के फंड से इस रकम का भुगतान कराने की मांग की तो अधिकारियों ने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद से कैंट बोर्ड के अधिकारियों और पार्षदों के बीच इस मुद्दे पर ‘जंग’ का माहौल बन गया था। महीने भर से ज्यादा वक्त तक अधिकारियों और पार्षदों के बीच खींचतान के बाद आखिरकार अधिकारी इस बात पर तैयार हो गए कि छत्ते से शहद निकालने वाला आधा शहद खुद ले ले और बाकी आधा उन्हें दे दे। पार्षद भी अधिकारियों की इस शर्त पर रजामंद हो गए। अब सोमवार से छत्ते हटने लगेंगे। छत्तों से कितना शहद निकल रहा है, यह देखने के लिए कैंट बोर्ड के कर्मचारी भी ड्यूटी पर लगाए जाएंगे।
कल जरा संभलकर कैंट इलाके में निकलें मॉर्निंग वाकर
मधुमक्खियों के छत्ते तोड़ने से कैंट इलाके में कुछ घंटों के लिए भारी घमासान का माहौल रहने की आशंका है। मुख्य सफाई निरीक्षक दीप सक्सेना ने बताया कि छत्तों से शहद निकालने का काम तड़के ही शुरू कर दिया जाएगा ताकि दिन में सड़कों पर निकलने वालों के मधुमक्खियों के हमले का शिकार होने का खतरा न रहे। शहद निकालने के दौरान मधुमक्खियां आक्रामक हो सकती हैं, लिहाजा आसपास मौजूद घरों में रहने वाले लोगों को भी अलर्ट किया जाएगा। सुबह साढ़े चार से साढ़े छह बजे के बीच शहद निकाल लिया जाएगा। हालांकि इस दौरान उन मॉर्निंग वाकर्स को भी मधुमक्खियों के हमले का शिकार होने का खतरा रहेगा जो रोज इधर टहलने निकलते हैं। इन लोगों को भी इधर जरा संभलकर आने की जरूरत है।